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'सुप्रीम कोर्ट गए तो मुस्लिमों को सरयू पार भी नहीं मिलेगी मस्जिद बनाने की जगह'

Wed, 05 Apr 2017 08:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 05 Apr 2017 08:07 AM IST
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subrahmanyam swami in Lucknow over ram temple issue.

अयोध्या में मंदिर निर्माण और लखनऊ का नाम लक्ष्मणपुरी करने जैसे मुद्दों को धार देने के लिए भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी सक्रिय हो गए हैं। वह मंगलवार को एक दिन के दौरे पर लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा भाजपा के कई नेताओं से मिले।

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भाजपा नेताओं से बातचीत में स्वामी ने उन्हें आश्वस्त किया कि तथ्य काफी मजबूत हैं, राम मंदिर अयोध्या में ही बनेगा। वहीं बनेगा जहां इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तय किया है। यदि मुस्लिम पक्षकार सुप्रीम कोर्ट में लड़े तो उन्हें सरयू पार भी मस्जिद बनाने की जगह नहीं मिलेगी।
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उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में दबाव बढ़ाया जाए कि मुस्लिम संगठन अयोध्या, काशी व मथुरा पर दावा छोड़ दें। भाजपा नेताओं ने कहा कि राम मंदिर बनाने के लिए अब धन की बहुत ज्यादा आवश्यकता नहीं है।

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लखनऊ भाजपा कार्यालय में इन लोगों से मिले

subrahmanyam swami in Lucknow over ram temple issue.

दिल्ली से दिन में 11.30 पर लखनऊ पहुंचे स्वामी काफी देर तक अतिविशिष्ट अतिथि गृह (वीवीआईपी) में दोपहर 2 बजे तक लोगों से मिलते-जुलते रहे। लगभग 2.30 पर वह भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात भाजपा के प्रदेश महामंत्री विद्याशंकर सोनकर, प्रदेश कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित और पार्टी के अन्य कई नेताओं से हुई।

बातचीत में उन्होंने पूछा कि वह लखनऊ का नाम लक्ष्मणपुरी करने सहित अन्य शहरों के नाम बदलने का अभियान चलाएं तो क्या वे उनकी मुहिम का समर्थन करेंगे। भाजपा नेताओं ने उन्हें समर्थन का भरोसा दिया।

अब तक की गई कोशिशों की जानकारी दी
मुलाकात के दौरान उन्होंने जहां मंदिर मुद्दे पर अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी दी वहीं, लखनऊ सहित कुछ अन्य शहरों के नए नामकरण पर भी सलाह-मशविरा किया। साथ ही टटोला कि वह अगर इस सिलसिले में प्रयास करें तो उन्हें कितना समर्थन मिलेगा।

भाजपा नेताओं से बातचीत में उन्होंने मंदिर मुद्दे पर मई में सर्वोच्च न्यायालय में नई याचिका दायर करने का भी संकेत दिया। मुख्यमंत्री से मुलाकात में भी उन्होंने मुख्य रूप से इन्हीं मुद्दों पर चर्चा की।

सक्रियता की यह वजह तो नहीं

subrahmanyam swami in Lucknow over ram temple issue.

दरअसल, प्रदेश में कई नगरों व स्थानों के नामों को लेकर संघ परिवार के विभिन्न संगठनों की तरफ से प्रश्न उठाए जाते रहे हैं।

कहा जा रहा है कि मुगलों व अंग्रेजों के शासन में भारतीय संस्कृति व इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व कम करने के लिए नाम बदले गए।

कुछ के नाम मुगल व अंग्रेज शासकों पर रख दिए गए तो कहीं तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया। सूबे में इससे पहले बनी भाजपा सरकारों के समय भी ये सवाल उठते रहे हैं। स्वामी की सक्रियता उसी सिलसिले में है।

माना जाता है कि उनकी सक्रियता के पीछे भगवा टोली की रणनीति इस बाबत जनमत बनाकर आगे बढ़ने की है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की उम्मीद

subrahmanyam swami in Lucknow over ram temple issue.

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भाजपा नेताओं को बताया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मई में फिर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। इस पर अफसोस भी जताया कि निर्मोही अखाड़े और हिन्दू महासभा की ओर से उन्हें समर्थन नहीं मिला।

उन्होंने कहा, मंदिर मामले में भले ही वे पक्षकार नहीं हैं लेकिन यह उनकी आस्था का सवाल है। इसलिए वे मई में फिर याचिका दायर करेंगे। उम्मीद है कि इस बार सुप्रीम कोर्ट में उनकी सुनवाई होगी।

सीएम से मिलकर स्वामी दिल्ली गए
स्वामी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मुलाकात में भी स्वामी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर मुद्दे सहित अन्य कुछ महत्वपूर्ण मसलों पर बातचीत की। मुख्यमंत्री से मिलकर लौटे स्वामी गाड़ी में बैठ कर फौरन निकल गए।

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