'गुमनामी बाबा का नेताजी सुभाष चंद्र बोस से कोई संबंध नहीं'
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नेताजी सुभाषचंद्र बोस के सोलह परिवारीजनों ने जस्टिस विष्णु सहाय आयोग को पत्र भेजकर कहा है कि गुमनामी बाबा का नेताजी से कोई संबंध नहीं है।
यह बात जस्टिस मुखर्जी आयोग की जांच रिपोर्ट में साफ हो चुकी है। रिपोर्ट में गुमनामी बाबा के दांत की डीएनए जांच निगेटिव पाई गई थी।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस के परिवार से जुड़े प्रो. चित्रा घोष, प्रो. द्वारकानाथ बोस, नंदिता बोस, अरधेंदु बोस, कृष्णा घोष और अन्य 11 लोगों ने जस्टिस विष्णु सहाय को भेजे पत्र में कहा है कि जस्टिस मुखर्जी आयोग के आदेश पर नेताजी के पांच भतीजे व भतीजियों के ब्लड सैंपल लिए गए थे।
मातृ व पितृ पक्ष से नहीं मिला कोई संबंध
गुमनामी बाबा के दांत और इन लोगों के सैंपल की डीएनए जांच सेंट्रल फोरेंसिक लेबोरेटरी कोलकाता में की गई। जांच में न तो मातृ पक्ष और न ही पितृ पक्ष से गुमनामी बाबा का कोई संबंध मिला।
जांच गुमनामी बाबा के बारे में, नेताजी की नहीं: याचिकाकर्ता
इस बारे में याचिकाकर्ता व नेताजी विचार मंच के संयोजक शक्ति सिंह ने कहा कि गुमनामी बाबा उर्फ भगवनजी की पहचान की जांच हो रही है, न कि नेताजी की। ऐसे में उन लोगों के पत्र का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार से जुड़े कई लोग जांच की मांग कर रहे थे।