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मैं खुदकुशी कर रहा हूं: वह मामला जिसने आशीष को जान देने पर मजबूर किया, नोट में लिखा- 'कैमरे लगे हैं चेक कर लो'

Mon, 12 Jun 2023 11:09 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 12 Jun 2023 11:09 AM IST
सार

राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना इलाके में रहने वाले एक प्रतियोगी छात्र रविवार दोपहर में खुदकुशी कर ली। उसका शव कमरे में पंखे के कुंडे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मौके से दो पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है। 

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student committed suicide Found suicide note In Lucknow serious allegations of lucknow police
लखनऊ में छात्र ने की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना इलाके में रहने वाले एक प्रतियोगी छात्र रविवार दोपहर में खुदकुशी कर ली। उसका शव कमरे में पंखे के कुंडे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मौके से दो पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है। 
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माल के गहदों निवासी प्रतियोगी छात्र आशीष कुमार (22) ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे खुदकुशी कर ली। उसने सुसाइड नोट में लिखा कि रहीमाबाद थाना भ्रष्ट है..। मुझ पर झूठा केस दर्ज किया...। फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए दरोगा राजमणि पाल, लल्लन प्रसाद पाल व सिपाही मोहित शर्मा ने 50 हजार रुपये मांगे..। नहीं दिए तो चार्जशीट लगा दी। 
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उधर, महकमे की किरकिरी होता देख पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर ने रात 8.30 बजे दोनों दरोगा व सिपाही को लाइनहाजिर कर दिया। साथ ही इन सबके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी।
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प्रभारी निरीक्षक रहीमाबाद अख्तियार अंसारी के मुताबिक गहदों निवासी मयंक रावत ने दोपहर करीब एक बजे पुलिस को सूचना दी कि उसके भाई आशीष ने खुदकुशी कर ली है। मौके पर पहुंची पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें दो दरोगा व एक सिपाही पर गंभीर आरोप लगाया गया था। 
 

वहीं, आशीष की मां सुशीला ने थाने में तहरीर देकर दरोगा राजमणि पाल व लल्लन प्रसाद पाल और सिपाही मोहित शर्मा के साथ ही बकतौरीपुर निवासी नंदू विश्वकर्मा व श्यामलाल के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। एसीपी वीरेंद्र विक्रम ने बताया कि सुशीला की तहरीर पर जांच की जा रही है। भाई मयंक ने बताया कि आशीष सिविल सर्विसेज के लिए तैयारी कर रहा था।

जानिए क्या था वो मामला
सुशीला के मुताबिक 8 दिसंबर 2018 को आशीष पिता महादेव के साथ नंदू विश्वकर्मा की दुकान पर ट्रॉली खरीदने गया था। वहां पर किसी बात पर नंदू से कहासुनी हो गई। इस पर नंदू के मजदूरों ने आशीष को सिर पर सरिया से वार कर घायल कर दिया था। पिता महादेव ने नंदू व उसके मजदूरों पर माल थाने में केस दर्ज कराया था। इस मुकदमे में समझौते के लिए नंदू लगातार आशीष व उसके पिता पर दबाव बना रहा था। 

 

सुशीला का आरोप है कि समझौता नहीं करने पर नंदू ने शिवपुरी निवासी अपने मित्र श्यामलाल से रहीमाबाद थाने में 28 सितंबर 2022 को एक तहरीर दिलाई। इसमें श्यामलाल ने बताया कि वह महादेव के घर में स्थित मौरंग व गिट्टी की दुकान में सामान खरीदने गया था। वहां खरीदारी के दौरान आशीष व उसके भाई मयंक ने मारपीट की। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। तब दरोगा राजमणि पाल ने दुकान व घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने के बाद मामले को रफादफा करने की बात कही थी।

 

अंतिम रिपोर्ट लगाने के लिए पैसे नहीं देने पर धमकाने लगे-सुशीला का आरोप है कि दरोगा राजमणि पाल, लल्लन प्रसाद पाल व सिपाही मोहित शर्मा ने आशीष व मयंक पर दर्ज केस में अंतिम रिपोर्ट लगाने की बात कही। इसके लिए तीनों ने 50 हजार रुपये की मांग की। कहा कि, रुपये दे दो मुकदमे को खत्म कर दूंगा। रुपये देने से इनकार करने पर धमकी देने लगे। इसके बाद दूसरे पक्ष से मिलकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।

चार्जशीट से नौकरी मिलने में दिक्कत होगी, इसको लेकर डिप्रेशन में चला गया आशीष-- मां सुशीला के मुताबिक केस में चार्जशीट लगने के बाद आशीष डिप्रेशन में चला गया। उसे हर वक्त यही चिंता सताती रहती कि इसकी वजह से उसे सरकारी नौकरी मिलने में दिक्कत होगी। वह अक्सर कमरे में गुमसुम बैठा रहता या रोता रहता था।

दो पन्नों का सुसाइड नोट--आशीष ने दुकान में रखे एक सीमेंट कंपनी के एस्टीमेट बुक के दो पन्नों पर सुसाइड नोट लिखा है। इसमें लिखा कि नंदू विश्वकर्मा, अरविंद, श्याम किशोर ने साजिश रचकर हम दोनों भाई- आशीष कुमार, मनीष उर्फ मयंक पर अपने मजदूरों के जरिये झूठा केस दर्ज कराया है।

रहीमाबाद थाने के दरोगा राजमणि पाल, लल्लन प्रसाद पाल व सिपाही मोहित शर्मा ने मिलकर झूठी एफआईआर दर्ज की। हमने इनसे कहा कि हमारे घर पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनको चेक कर लो। धोखे से हम भाइयों को थाने पर बुलाकर सादे कागज व आधार कार्ड पर दस्तखत करा लिए...। मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं। रहीमाबाद थाना पूरा भ्रष्ट है...।
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