फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Struggle to blossom lotus again in fruit belt

यूपी का सियासी संग्राम : फल पट्टी में दोबारा कमल खिलाने की जद्दोजहद

Wed, 23 Feb 2022 04:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा सचिन त्रिपाठी, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 23 Feb 2022 04:06 AM IST
सार

मलिहाबाद में अनुसूचित जातियों के पास है हार-जीत की चाबी। 

विज्ञापन
Struggle to blossom lotus again in fruit belt
मैदान के महारथी... - फोटो : amar ujala

विस्तार

दशहरी आम के लिए मशहूर फल पट्टी की मलिहाबाद विधानसभा सीट पर इस बार चुनाव में भाजपा के सामने अपना कब्जा बरकरार रखने की चुनौती है। उसे सपा ही नहीं बसपा से भी चुनौती मिल रही है। भाजपा ने यहां मोहनलालगंज से सांसद व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की पत्नी व वर्तमान विधायक जयदेवी कौशल को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है। वहीं, सपा ने टिकट बंटवारे को लेकर मची उठापटक के बाद यहां से सोनू कनौजिया को उम्मीदवार बनाया है, जबकि बसपा ने पिछली बार लोकदल से चुनाव लड़ चुके जगदीश रावत को प्रत्याशी बनाया है। विपक्ष के ये दोनों प्रत्याशी भी चुनाव में उलटफेर की दम वाले हैं। यहां कुल मतदाताओं में आधे से ज्यादा संख्या अनुसूचित जाति के मतदाताओं की है। इसलिए जीत-हार की चाबी भी उन्हीं के पास रहती है।

विज्ञापन


फल पट्टी क्षेत्र की यह ऐसी सीट है, जिसमें भाजपा ने 2017 में पहली बार जीत दर्ज करायी थी। सांसद कौशल किशोर की पासी मतदाताओं में अच्छी पकड़ को देखते हुए उनकी पत्नी जयदेवी को टिकट दिया गया था और यह प्रयोग सफल रहा था। इसीलिए जयदेवी फिर मैदान में हैं। वहीं 2017 से पहले कई बार सीट पर कब्जा कर चुकी सपा में इस बार कई दावेदार थे, लेकिन टिकट बंटवारे के समय मची उठा-पटक ने काफी समीकरण प्रभावित किए हैं। पार्टी ने दावेदारों की अधिक संख्या व विद्रोह की आशंका को देखते हुए पूर्व सांसद सुशीला सरोज को यहां प्रत्याशी घोषित किया, लेकिन उन्होंने दिलचस्पी नहीं दिखायी।
विज्ञापन


ऐसे में उन्हें मोहनलालगंज से उम्मीदवार बनाकर पहली बार दावेदारी कर रहे सोनू कनौजिया को प्रत्याशी बना दिया। इससे नाराज पार्टी से पूर्व विधायक इंदल रावत ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। इंदल की पासी बिरादरी में भी अच्छी पैठ बतायी जाती है। बहरहाल, मुस्लिम व यादव मतदाताओं के समर्थन के साथ सपा यहां मजबूत दावेदारी कर रही है। वहीं इन तीनों के अलावा बसपा से जगदीश रावत मैदान में हैं। ये अपने समुदाय के कुछ वोटों के साथ ही बसपा के मूल वोट के दम पर मजबूत दावेदारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि,  क्षेत्रीय निवासी धीरेंद्र मौर्या का मानना है कि लड़ाई भाजपा, सपा और बसपा में ही होगी। बाकी कांग्रेस के टिकट पर पूर्व विधायक इंदल रावत के उतरने से मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। इस बार वोटिंग में सबसे अहम मुद्दा जनसमस्याएं ही रहेंगी। वहीं क्षेत्रीय निवासी अमरेश मिश्रा के अनुसार क्षेत्र में आम बागवानों की समस्याएं प्रमुख मुद्दा हैं, लेकिन मलिहाबाद रेलवे ओवरब्रिज, शैक्षणिक संस्थान और स्वास्थ्य सेवाएं भी चुनाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 

चुनाव में ये मुद्दे हावी रहेंगे

  • मलिहाबाद रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज
  • निर्माण के बावजूद मलिहाबाद की सरकारी मंडी का शुरू न होना
  • घोषणा के बावजूद माल को आज तक नगर पंचायत का दर्जा न मिलना
  • कई मार्गों का चौड़ीकरण
  • क्षेत्र में सरकारी शिक्षण संस्थान और अस्पतालों की कमी

वोटों का गणित...

  • कुल मतदाता   3,56,657
  • एससी    1.75 लाख
  • ओबीसी    80 हजार
  • मुस्लिम    55 हजार
  • ठाकुर    20 हजार
  • ब्राह्मण    10 हजार

2017 का परिणाम

  • जयदेवी, भाजपा    94677
  • राजबाला, सपा    72009
  • सत्य कुमार गौतम, बसपा    53481
  • जगदीश रावत, आरएलडी    1972
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed