फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   story of sabarmati bomb blast.

अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस के बदले किया गया था साबरमती बम कांड!

Sun, 21 May 2017 02:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बाराबंकी
ब्यूरो/अमर उजाला, बाराबंकी Updated Sun, 21 May 2017 02:04 AM IST
विज्ञापन
story of sabarmati bomb blast.
ब्लास्ट के बाद साबरमती के कोच की हालत - फोटो : amar ujala

साबरमती एक्सप्रेस में हुए बम विस्फोट के नामजद आरोपियों के अदालत से दोषमुक्त होने के पीछे अभियोजन की लचर पैरवी मुख्य वजह दिख रही है। जिस घटना में एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी हो और एक की मौत हो गई हो उसी में दो आरोपियों के दोषमुक्त होने से पैरवीकारों पर सवालिया निशान उठ रहे हैं।

विज्ञापन


मुकदमे में पैरवी के लिए जिला प्रशासन ने एक कमेटी का भी गठन किया था, उसके बावजूद अभियोजन पक्ष इसका फायदा नहीं उठा सका।

करीब 17 साल पहले 14 अगस्त 2000 की रात फैजाबाद से लखनऊ जा रही साबरमती एक्सप्रेस में करीब 11 बजे रौजागांव रेलवे स्टेशन पर बम विस्फोट हुआ था। इस घटना में 11 यात्रियों की मौत हो गई थी वहीं 40 घायल हुए थे।
विज्ञापन


पुलिस व खुफिया एजेंसियों ने इस मामले में जीआरपी बाराबंकी में हत्या, हत्या के प्रयास के अलावा, देशद्रोही गतिविधियों में केस दर्ज किया था। पुलिस ने साजिश रचने के आरोप में गुलजार बानी व सिमी के सक्रिय कार्यकर्ता अहमद मुबीन, मारूफ व मोहम्मद आकिल को पकड़ा था। इन आरोपियों ने वारदात को अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस करने का बदला बताया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

इनकी हुई थी गिरफ्तारी

story of sabarmati bomb blast.

जांच एजेंसियों ने पहले  इस मामले में मारूफ नाम के एक व्यक्ति को अरेस्ट किया था उसके बाद आगरा में हुए बम विस्फोट में पकड़े गए सिमी आतंकी अहमद मुबीन व उनके साथी मोहम्मद आकिल को पकड़ा था।

मामले की सुनवाई के दौरान जहां आरोपी मोहम्मद आकिल की मौत हो चुकी है वहीं मारूफ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है जबकि गुलजार बानी व मुबीन पर केस चल रहा था।

साबरमती बम कांड की जांच करने वाली पुलिस टीम ने बताया था कि सिमी व हिजबुल मुजाहिदीन संगठनों के इशारे पर वारदात होने के सुबूत मिले थे। इसी के आधार पर पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।

जिला प्रशासन द्वारा साबरमती बम कांड मामले में अभियोजन पैरवी के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी में वरिष्ठ संयुक्त निदेशक अभियोजन आरके उपाध्याय, डीजीसी क्रिमिनल अमरेश विक्रम सिंह, एडीजीसी अमर सिंह यादव व मथुरा प्रसाद वर्मा को शामिल किया गया था।

वहीं एएसपी कुवंर ज्ञानंजय सिंह जहां मामले पर नजर रखे थे वहीं एटीएस, एसआईबी व खुफिया एजेंसी के पदाधिकारी भी बराबर लगे हुए थे लेकिन कोई कुछ नहीं कर सका।

17 साल में 82 लोगों ने दर्ज कराए बयान

story of sabarmati bomb blast.

17 साल चले इस मुकदमे की सुनवाई कई अदालतों में हुई। इस दौरान घायलों तथा प्रत्यक्षदर्शियों समेत 82 लोगों ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए।

अभियोजन पक्ष रहा असफल
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि गुजलार अहमद बानी व अब्दुल मुबीन पर आरोपित अपराध अभियोजन पक्ष साबित नहीं कर सका।

आरोपीगण ने ट्रेन की बोगी में बम रखने का आपराधिक षडयंत्र किया, भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने के लिए व राजद्रोह के लिए विस्फोटक पदार्थ एकत्र किया। अभियोजन पक्ष यह भी साबित करने में असफल रहा।

एक आरोपी की हो चुकी है मौत

story of sabarmati bomb blast.
गुलजार अहमद बानी - फोटो : amar ujala
कोर्ट में सुनाए गए फैसले से गुलजार अहमद बानी के परिवारीजन काफी खुश व संतुष्ट दिखे। कश्मीर से आए पिता गुलाम मोहम्मद बानी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। मेरा पुत्र 16 साल से जेल में है।

उस पर लगे आरोपों से उसका कॅरियर तबाह हो गया। बताया कि गुलजार अहमद बानी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहा था। कश्मीर से दिल्ली आते समय उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एक आरोपी की हो चुकी है मौत
मामले में आरोपी गुलजार अहमद बानी को जुलाई 2001 व मो. मारुफ, मोबीन तथा मो. आकिल को माह सितंबर 2000 में गिरफ्तार किया गया। मामले में गुलजार अहमद बानी कारागार में निरुद्घ था।

मो. मारुफ को इसी मामले में पूर्व में ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी थी। मो. आकिल व अब्दुल मोबीन जमानत पर थे। जिसमें मो. आकिल की निर्णय पूर्व ही मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed