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शुक्ला जी के क्या कहने?
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 08 Jan 2014 03:06 PM IST
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एक चर्चित पूर्व मंत्री के पीएस एक शुक्लाजी हुआ करते थे। मंत्रीजी और उनकी जुगलबंदी के किस्से सत्ता के गलियारे से लेकर विधानसभा तक पहुंचे।
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बताया जाता है कि तब नेता प्रतिपक्ष ने शुक्लाजी की ‘काबिलियत’ का हवाला देकर मंत्री की बखिया उधेड़ी थी। बाद में मंत्रीजी को विधायकी का टिकट तक नहीं मिला।
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इससे शुक्लाजी इतने नामवर हुए कि लंबे समय तक चर्चा के केंद्र में रहे। मगर इससे आगे की बात ये है कि सत्ता का उलटफेर होने पर भी शुक्लाजी का जलवा कायम है।
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वजह, शुक्लाजी से पूर्व से परिचित एक मंत्रीजी ने उन्हें अपने यहां बुलाकर तैनाती दिलाई। मंत्रीजी ने अपने मुखिया की नाराजगी को भी तवज्जो नहीं दिया।
इधर ये चर्चा तेजी से फैली है कि मंत्रीजी का रास्ता वाया शुक्लाजी जाता है। कारण यह कि शुक्लाजी को हर तरह के काम करने के बावजूद किसी तरह की मुश्किल में न पड़ने देने का तजुर्बा जो हासिल है।
इधर शुक्लाजी के विभाग में भर्ती की कार्यवाही शुरू हुई, उन्होंने मंत्रीजी के निर्देश के हिसाब से ‘पारदर्शी’ कार्यवाही का मोर्चा संभाल लिया है।