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Lucknow News: एलडीए के बाबुओं से पूछताछ करेगी एसटीएफ
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एलडीए के बाबुओं से पूछताछ करेगी एसटीएफ
लखनऊ। फर्जीवाड़ा कर एलडीए के प्लॉटों को बेचने वाले गिरोह को मदद पहुंचाने वाले बाबुओं से एसटीएफ पूछताछ करेगी। बाबुओं के खिलाफ एसटीएफ को अहम साक्ष्य मिले हैं। कर्मचारियों के अलग-अलग मामलों में लगातार संलिप्तता आने के बाद एलडीए में प्रवेश के लिए पास की व्यवस्था शुरू की गई है। हालांकि अभी भी जालसाजों का गिरोह सक्रिय है।
एसटीएफ में डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक गिरफ्तार किए गए गिरोह ने कई कर्मचारियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी थी। एलडीए से बेचे गए प्लॉटों के कस्टोडियन की सूची मांगी गई थी। एलडीए भी कर्मचारियों की संलिप्तता के बारे में आंतरिक जांच कर रहा है। पुलिस की विवेचना में फर्जीवाड़ा में शामिल कर्मचारियों के नाम एफआईआर में बढ़ाए जाएंगे।
एसटीएफ की टीम गिरोह में शामिल सुनील मिश्रा और सिंकू की तलाश में दबिश दे रही है। हालांकि, अभी तक दोनों का सुराग नहीं लग सका है। आरोपियों ने लोगों के 80 से 90 प्लॉट जालसाजी कर बेच दिए थे। इसके अलावा कई प्लॉटों का सौदा कर चुके थे।
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अंसल मामले में भी मिलीभगत
एलडीए के कर्मचारियों की भूमिका अंसल मामले में भी संदिग्ध है। विवेचना कर रही पुलिस टीम ने अंसल से तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों का ब्योरा मांगा है। माना जा रहा है कि इस मामले में शासन की सख्ती के बाद कई अफसरों पर गाज गिर सकती है। मामले की विवेचना के लिए एक टीम गठित की गई है। पूरे मामले की निगरानी जेसीपी अपराध कर रहे हैं।
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एसटीएफ में डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक गिरफ्तार किए गए गिरोह ने कई कर्मचारियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी थी। एलडीए से बेचे गए प्लॉटों के कस्टोडियन की सूची मांगी गई थी। एलडीए भी कर्मचारियों की संलिप्तता के बारे में आंतरिक जांच कर रहा है। पुलिस की विवेचना में फर्जीवाड़ा में शामिल कर्मचारियों के नाम एफआईआर में बढ़ाए जाएंगे।
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एसटीएफ की टीम गिरोह में शामिल सुनील मिश्रा और सिंकू की तलाश में दबिश दे रही है। हालांकि, अभी तक दोनों का सुराग नहीं लग सका है। आरोपियों ने लोगों के 80 से 90 प्लॉट जालसाजी कर बेच दिए थे। इसके अलावा कई प्लॉटों का सौदा कर चुके थे।
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अंसल मामले में भी मिलीभगत
एलडीए के कर्मचारियों की भूमिका अंसल मामले में भी संदिग्ध है। विवेचना कर रही पुलिस टीम ने अंसल से तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों का ब्योरा मांगा है। माना जा रहा है कि इस मामले में शासन की सख्ती के बाद कई अफसरों पर गाज गिर सकती है। मामले की विवेचना के लिए एक टीम गठित की गई है। पूरे मामले की निगरानी जेसीपी अपराध कर रहे हैं।