{"_id":"5ee352ce83c1ea004532bfdf","slug":"stf-will-investigate-anamika-shukla-case-of-uttar-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: एसटीएफ करेगी अनामिका शुक्ला प्रकरण की जांच, कई जिलों में चला फर्जी नियुक्ति का खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: एसटीएफ करेगी अनामिका शुक्ला प्रकरण की जांच, कई जिलों में चला फर्जी नियुक्ति का खेल
Fri, 12 Jun 2020 03:32 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 12 Jun 2020 03:32 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित अनामिका शुक्ला मामले की जांच शासन ने स्पेशल टास्क फोर्स को सौंप दी है। इसकी पुष्टि बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने की। बता दें कि अनामिका के नाम पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में फर्जी शिक्षिकाओं की नियुक्ति का खेल 7 साल पहले शुरू हुआ।
विज्ञापन
मास्टरमाइंड राज उर्फ पुष्पेंद्र और उसके भाई जसवंत ने जालसाजी कर मैनपुरी के करहल ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में दीप्ति नाम की युवती को अनामिका नाम से फर्जी नियुक्ति दिलाई। वहीं से फर्जीवाड़े का यह खेल शुरू हुआ और अब यह खेल कासगंज में गिरफ्तार सुप्रिया पर आकर ठहरा है।
विज्ञापन
असली अनामिका शिक्षा विभाग के सामने आ चुकी है, लेकिन उसके दस्तावेजों से फर्जीवाड़े का खेल सालों से चल रहा है। अनामिका शुक्ला के नाम से सबसे पहली नियुक्ति दीप्ति नाम की युवती को वर्ष 2013 में मैनपुरी के करहल ब्लॉक के कस्तूरबा विद्यालय में जालसाजों ने दिलाई। गिरफ्तार जालसाज से हुई पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
उसके बाद फर्जीवाड़े का खेल अन्य जिलों में चलता रहा। इन सात वर्षों में अलीगढ़, सहारनपुर, रायबरेली, फैजाबाद, अमेठी सहित कई जिलों में जालसाजों ने फर्जी नियुक्तियां कराईं। जालसाज के गिरफ्तार भाई ने 20 फर्जी नियुक्तियां कराने की बात कही है, लेकिन पुलिस का मानना है कि जब असली आरोपी गिरफ्त में आएगा तो और भी मामले सामने आएंगे।