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7 लोगों पर स्वास्थ्य भवन में आग लगाने का संदेह

Tue, 25 Aug 2015 09:29 PM IST
Updated Tue, 25 Aug 2015 09:29 PM IST
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STF submits its interim report on Swasthya Bhawan fire case

कुछ दिनों पहले लखनऊ के स्वास्थ्य भवन में लगी आग का मामला गहरा गया है। इस मामले में एसटीएफ की जांच रिपोर्ट आने के बाद इसे दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत देखा जा रहा है।  

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स्वास्थ्य भवन में लगी आग में साजिश की आशंका गहरा गई है। एसटीएफ ने इस मामले में शासन को भेजी अंतरिम जांच रिपोर्ट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका को सिरे से नकार दिया है। जांच एजेंसी ने आग लगने से आधे घंटे पहले तक संबंधित कमरे में मौजूद रहे सात कर्मियों पर शक जताते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कराए जाने की सिफारिश की है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि रविवार का दिन होने के बावजूद सात कर्मचारी स्वास्थ्य भवन आए थे। यह सभी कर्मचारी शाम करीब साढ़े सात बजे तक वहां रहे। उनके जाने के कुछ ही देर में आग लगी।
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जिन कमरों में आग लगी वहां बीयर की खाली बोतलें और सिगरेट के टोटे मिले। पर, जिस वक्त आग लगी, उस समय स्वास्थ्य भवन की बिजली की मेन लाइन बंद थी। जेनरेटर भी बंद था।

सिर्फ अर्थिंग होने की वजह से आग लग नहीं सकती।  शॉर्ट सर्किट से आग लगी होती तो बिजली के तार बाहर तक जलते, पर आग का असर सिर्फ दो बड़े कमरों तक ही रहा। ऐसे में आग साजिश से लगाए जाने की आशंका है।

अहमद हसन बोले, बर्खास्त किए जाएंगे आग लगाने वाले

STF submits its interim report on Swasthya Bhawan fire case

स्वास्थ्य भवन में आग लगने की एसटीएफ की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अब तो यह साफ हो गया है कि आग लगी नहीं, लगाई गई थी। इसमें जो भी कर्मचारी और डॉक्टर दोषी हैं, उनके खिलाफ एफआईआर लिखाई जाएगी। सरकार उन्हें बर्खास्त करेगी।

अहमद हसन ने कहा कि वे पहले ही इसमें साजिश की आशंका जता रहे थे। प्रारंभिक रिपोर्ट में ही गड़बड़ी की बात आई थी। एसटीएफ की रिपोर्ट से साफ हो गया है कि साजिशन आग लगाई गई थी। यह गंभीर मामला है।

इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविन्द कुमार ने कहा कि अंतरिम रिपोर्ट में एसटीएफ ने कई सुझाव दिए हैं। जांच में पाया गया कि स्वास्थ्य भवन में फायर सेफ्टी सिस्टम खराब पड़ा था। स्मोक डिटेक्टर (धुआं होते ही आवाज करने वाला यंत्र) काम नहीं कर रहे थे। इस कारण आग लगने के बावजूद अलार्म नहीं बजा।

प्रमुख सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने स्मोक डिटेक्टर व फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच करवाकर हाल ही में सर्टिफिकेट भी लिया था। यह सर्टिफिकेट किस कंपनी से लिया गया था, इसकी भी जांच करवाई जाएगी। आग बुझाने वाले संयंत्र भी एक्सपायर्ड हो गए थे। इसमें जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य भवन में बायोमैट्रिक सिस्टम लगाने का भी सुझाव आया है।

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