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खुद को सचिवालय का अधिकारी बता करता था ठगी, एसटीएफ ने लखनऊ से किया गिरफ्तार

Sun, 13 Jun 2021 12:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 12:18 AM IST
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लखनऊ। सचिवालय का अधिकारी बनकर ठगी करने वाले एक व्यक्ति को एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। यह फर्जी अफसर मिर्जापुर जिले में अधिकारियों को अपने अर्दब में लेने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तार किए गए फर्जी अधिकारी का नाम हिमांशु शुक्ला है जो लखनऊ के वृंदावन स्थित आकाश एन्क्लेव अपार्टमेंट में रहता है। विभूतिखंड थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज कर दाखिल किया गया है।
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एसटीएफ के एसएसपी हेमराज मीणा ने बताया कि उन्हें शासन से सूचना दी गई थी कि मिर्जापुर जिले में सचिवालय के एक प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी का ओएसडी बनकर एक व्यक्ति लोगों से ठगी कर रहा है। एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार नागर को इस मामले की छानबीन के लिए लगाया गया। जांच के दौरान भी उक्त फर्जी अधिकारी ने एसटीएफ के अधिकारियों को भी अर्दब में लेने की कोशिश की। शुरुआती पूछताछ में उसने बताया कि वह पूर्व में सचिवालय के गृह विभाग में नियुक्त रह चुका है। वर्तमान में खुद को अपर निजी सचिव परिवहन विभाग के रूप में बापू भवन पंचम तल पर तैनात होना बताया। एसटीएफ ने जब गहनता से पड़ताल की तो पता चला कि वह न तो गृह विभाग में तैनात रहा है और न ही अपर निजी सचिव के पद पर तैनात है। इसके बाद एसटीएफ के अधिकारियों ने शुक्रवार को उसे एसटीएफ के दफ्तर में सारे दस्तावेज के साथ बुलाया। उसने यहां भी खुद को सचिवालय में तैनात अधिकारी ही बताया। लेकिन जब पुलिस उपाधीक्षक अमित नागर ने उसके फर्जी होने के सुबूत रखे तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
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अमित नागर ने बताया कि वह लोगों से काम कराने, मनचाहे ट्रांसफर कराने और असलहों का लाइसेंस दिलाने के नाम पर ठगी करता था। वह 2013-14 में संविदा पर अनुसेवक के रूप में सचिवालय में रहा है और यहीं से वह अधिकारियों के हाव भाव से प्रभावित हुआ। उन्हीं की नकल करके लोगों से ठगी करने लगा। उसने अपर निजी सचिव का फर्जी परिचय पत्र बनवाया और उसी परिचय पत्र के आधार पर सचिवालय के सीयूजी नम्बर से मिलता जुलता नम्बर भी ले लिया, जिससे वो लोगों से ठगी करता था। ट्रूू कॉलर पर उसका नम्बर ओएसडी प्रमुख सचिव के नाम से प्रदर्शित होता था, जिससे लोग उसकी बातों पर यकीन भी कर लेते थे। नागर ने बताया कि हिमांशु ने कितने लोगों से ठगी की उसकी पड़ताल की जा रही है। उसके द्वारा दी गई अन्य जानकारी को भी सत्यापित कराया जा रहा है।
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