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सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर बढ़ा ली थी खनन की क्षमता, एसटीएफ ने खोली थी पोल
Mon, 07 Jan 2019 12:55 AM IST
MANISH sachan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: MANISH sachan
Updated Mon, 07 Jan 2019 12:55 AM IST
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बालू खनन
- फोटो : file photo
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खनन में हेराफेरी का खेल नया नहीं है। पैसों की खान के लिए बदनाम इस विभाग में खनन माफिया तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहे हैं। लगभग एक साल पहले यूपी एसटीएफ को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विभाग के सॉफ्टवेयर में सेंधमारी कर क्षमता से अधिक ई-एमएम 11 कर दिया गया। एसटीएफ ने जांच शुरू की तो पाया कि सॉफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ।
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इस मामले की जांच करने वाले पुलिस उपाधीक्षक आलोक सिंह का कहना है कि बीते वर्ष मार्च में मिर्जापुर के 33 मामले और झांसी का एक मामला सामने आया था, जिसकी जांच एसटीएफ ने की थी।
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उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर के कैलकुलेशन मेथड में कुछ गड़बड़ी थी, जिसकी वजह से अंतर आ रहा था। इसे बाद में सही भी करा लिया गया। जिन कंपनियों को क्षमता से अधिक ई-एमएम जारी कर लाभ पहुंचने की बात कही गई थी, उन्होंने कथित घपले की रकम सरकारी खजाने में जमा कर दी। इसके बाद एसटीएफ ने पूरे मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
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