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अनामिका प्रकरण में एसटीएफ का खुलासा, मुख्य सरगना समेत तीन गिरफ्तार
Mon, 15 Jun 2020 10:03 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 15 Jun 2020 10:03 PM IST
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कासगंज से गिरफ्तार फर्जी शिक्षिका
- फोटो : अमर उजाला
यूपी एसटीएफ ने अनामिका प्रकरण का खुलासा करते हुए सोमवार को तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान पता चला है कि सिर्फ अनामिका ही नहीं अन्य अभ्यर्थियों की डिग्रियों का भी इस्तेमाल करके फर्जी तरीके से नौकरी हासिल की गई।
हर नौकरी के एवज दो से तीन लाख रुपये लिए जाते थे। एसटीएफ ने सरगना मैनपुरी निवासी पुष्पेंद्र और बेसिक शिक्षा विभाग के दो बाबुओं जौनपुर बीएसए कार्यालय में तैनात आनंद व हरदोई बीएसए कार्यालय में तैनात रामनाथ को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में पुष्पेंद्र ने बताया कि वह खुद फर्रुखाबाद में फर्जी टीचर बनकर सुशील के नाम से 2014 से नौकरी कर रहा है। पुष्पेंद्र ने बताया कि 2010 में उसकी मुलाकात बेसिक शिक्षा कार्यालय हरदोई में तैनात प्रधान लिपिक रामनाथ से हुई थी।
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रामनाथ ने पुष्पेंद्र की मुलाकात जौनपुर में जिला समन्वयक अधिकारी आनंद से कराई। जौनपुर में कस्तूरबा गांधी विद्यालय में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का आवेदन पत्र व शैक्षिक दस्तावेज आनंद सिंह की कस्टडी में होता था।
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हर नौकरी के एवज दो से तीन लाख रुपये लिए जाते थे। एसटीएफ ने सरगना मैनपुरी निवासी पुष्पेंद्र और बेसिक शिक्षा विभाग के दो बाबुओं जौनपुर बीएसए कार्यालय में तैनात आनंद व हरदोई बीएसए कार्यालय में तैनात रामनाथ को गिरफ्तार किया है।
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पूछताछ में पुष्पेंद्र ने बताया कि वह खुद फर्रुखाबाद में फर्जी टीचर बनकर सुशील के नाम से 2014 से नौकरी कर रहा है। पुष्पेंद्र ने बताया कि 2010 में उसकी मुलाकात बेसिक शिक्षा कार्यालय हरदोई में तैनात प्रधान लिपिक रामनाथ से हुई थी।
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रामनाथ ने पुष्पेंद्र की मुलाकात जौनपुर में जिला समन्वयक अधिकारी आनंद से कराई। जौनपुर में कस्तूरबा गांधी विद्यालय में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का आवेदन पत्र व शैक्षिक दस्तावेज आनंद सिंह की कस्टडी में होता था।
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काउंसिलिंग में शामिल न होने पर अनामिका के दस्तावेज आनंद सिंह ने रामनाथ को उपलब्ध करा दिए। रामनाथ ने पुष्पेंद्र की मदद से बबली को अनामिका बनाकर अलीगढ़ में और बबली की ननद सरिता को अनामिका बनाकर प्रयागराज में, दीप्ति को वाराणसी में, प्रिया को कासगंज में 2-2 लाख रुपये लेकर नौकरी दिलाई थी।
पुष्पेंद्र ने अपने भाई जसवंत को विभव कुमार के नाम से फर्जी तरीके से नौकरी दिला दी थी। इस मामले में अन्य की भी तलाश की जा रही है।
पुष्पेंद्र ने अपने भाई जसवंत को विभव कुमार के नाम से फर्जी तरीके से नौकरी दिला दी थी। इस मामले में अन्य की भी तलाश की जा रही है।