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धरे गए लेखपाल भर्ती के नाम पर लाखों ठगने वाले

Sun, 13 Sep 2015 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 13 Sep 2015 02:22 AM IST
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STF arrested fraud in lekhpal recruitment case.

लेखपाल बनाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने वाले दो जालसाजों को एसटीएफ ने शनिवार को दबोच लिया। इसमें से एक राजधानी के इंदिरानगर स्थित ट्रिपल एस इंफोसॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का डायरेक्टर सुनील कुमार सिंह सरोज है।

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भर्ती के नाम पर उसने सूबे के अलग-अलग जिलों के करीब 250 लोगों को ठगा। उसके पास लेखपाल भर्ती परीक्षा के सात एडमिट कार्ड, 12 लाख 80 हजार रुपये, बीएमडब्ल्यू और आई-20 कार, तीन मोबाइल फोन समेत फर्जी आईडी से लिए कई सिमकार्ड बरामद हुए हैं। सुनील की निशानदेही पर एसटीएफ ने ज्योतिबाफुलेनगर में दबिश देकर उसके साथी बृजेश सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।
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मूलरूप से फैजाबाद कोतवाली क्षेत्र के जनौरा मकबरा नाका का सुनील हुसैनगंज में रह रहा था। आईजी एसटीएफ सुजीत पांडेय ने बताया कि शिकायतें मिलने के बाद सुनील पर कई दिन से निगाह रखी जा रही थी। वह प्रापर्टी डीलिंग और सीसीटीवी कैमरों का काम कर रहा था।
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उसने ज्योतिबाफुलेनगर के नवगवां जमीगंज उमरी निवासी बृजेश सिंह के साथ मिलकर लेखपाल भर्ती के नाम पर ठगी की थी। बृजेश को एसटीएफ नोएडा की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आईजी का कहना है कि सुनील और बृजेश से अभी और रिकवरी होगी।

छह महीने पहले ही शुरु हुई कंपनी

STF arrested fraud in lekhpal recruitment case.

ट्रिपल एस इंफोसॉल्यूशंस कंपनी छह महीने पहले ही शुरू हुई है। सुनील के अलावा कंपनी में राजधानी के गोमतीनगर विनयखंड एक निवासी शोभनाथ यादव और मल्हौर निजामपुर निवासी रजीब भी डायरेक्टर हैं। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस चिनहट की गुलजार कालोनी में है।

एक महीना पहले ही कंपनी ने इंदिरानगर के सेक्टर 17 स्थित मकान नंबर 662 में शानदार ऑफिस खोला था। इस ऑफिस के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे और सेंसर लगे हैं। ऑफिस में प्रवेश करने वालों की स्कैनिंग भी होती है।

कंडक्टर भर्ती परीक्षा के 98 अभ्यर्थियों के नाम-पते मिले
आईजी एसटीएफ ने बताया कि सुनील के पास से हाल ही में संपन्न हुई परिवहन निगम की कंडक्टर भर्ती परीक्षा के 98 अभ्यर्थियों के नाम-पते और रोल नंबर भी मिले हैं।

उन्होंने कहा कि सुनील ने कंडक्टर भर्ती के नाम पर अभ्यर्थियों को ठगा है। जिन अभ्यर्थियों के नाम-पते मिले हैं, उनसे संपर्क करके जानकारी हासिल की जाएगी। एसटीएफ अफसरों का यह भी मानना है कि सुनील ने कुछ और भर्ती परीक्षाओं के नाम पर ठगी की होगी। उससे पूछताछ की जा रही है।

मंत्री का नाम लेकर कहता था, मेरे पास हैं लेखपाल की हजार सीटें

STF arrested fraud in lekhpal recruitment case.

दलालों को 8 लाख में बेचता था एक सीट, 7 लाख ऊपर देने की बात कहता था
बीएमडब्ल्यू कार से चलने वाला ठग सुनील सिंह कई मंत्रियों और सचिवालय के अफसरों से अपने करीबी संबंध बताता था। कहता था कि उसके पास लेखपाल भर्ती की हजार सीटें हैं। उसने अभ्यर्थियों को लाने के लिए कई दलालों को लगाया था। दलालों को वह एक सीट आठ लाख रुपये में बेचता था। इसमें से सात लाख रुपये ‘ऊपर’ बैठे लोगों को जाते थे।

सुनील की बीते कुछ दिनों से फोन पर हो रही बातचीत की रिकार्डिंग एसटीएफ के पास है। एक रिकार्डिंग में कद्दावर मंत्री का नाम लेते हुए कह रहा है, ‘मेरे अलावा लेखपालों की भर्ती कोई नहीं करा सकता।

उसने एक दलाल से बातचीत के दौरान मंत्री को मोटी रकम देने की बात भी कही। एक बातचीत में सुनील दलाल से कह रहा है कि तुम नौ लो या दस, मुझे पूरे आठ लाख चाहिए। आईजी एसटीएफ का कहना है कि छानबीन में उसके किसी मंत्री या अफसर से संबंधों की बात सामने नहीं आई है।

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