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भारत सरकार की योजनाओं का काम देने के बहाने करता था ठगी, एसटीएफ के हत्थे चढ़ा
Fri, 06 Mar 2020 02:41 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 06 Mar 2020 02:41 PM IST
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गिरफ्त में आया हेमंत
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में काम दिलाने के नाम पर ठगने वाले हेमंत कुमार मिश्र को यूपी एसटीएफ ने विभूति खंड से गिरफ्तार किया है। बीए पास जालसाज अब तक सैकड़ों लोगों से 15 करोड़ रुपये ठग चुका है। एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि प्रतापगढ़ के इंद्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर राज भानु प्रताप सिंह ने प्रतापगढ़ के लालगंज में एक मुकदमा दर्ज कराया था।
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इसमें शिकायत की गई थी कि राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना व राष्ट्रीय ग्रामीण स्वच्छ पेयजल योजना के जाली टेंडर दिखाकर सर्वे का काम देने के लिए सिया विजन इन्फ्रा डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर हेमंत मिश्र ने सिक्योरिटी के नाम पर उनसे 30.50 लाख रुपये हड़प लिए हैं।
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प्रतापगढ़ पुलिस ने एसटीएफ से सहयोग मांगा था। एसटीएफ ने हेमंत को विभूति खंड थानाक्षेत्र से गिरफ्तार कर अहम दस्तावेज बरामद किए। एसटीएफ के प्रभारी एसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि बीए पास हेमंत वर्ष 2016 में लखनऊ में एक आईटी कंपनी में 25 हजार रुपये प्रति माह की सैलरी पर जॉइन किया था।
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एक वर्ष बाद 2017 में खुद की कंपनी सिया विजन इन्फ्रा डेवलपर्स प्रा. लि. शुरू कर दी। इस कंपनी को भारत सरकार की योजनाओं के टेंडर मिलने का झूठा प्रचार वेबसाइट व एजेंटों के जरिए करना शुरू किया। इस पर कंपनियों ने काम लेने के लिए संपर्क किया।
कंपनियों ने मांगी रकम तो हो गया अंडरग्राउंड
बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना में सर्वे के काम के लिए 1.5 लाख प्रति जिला व राष्ट्रीय ग्रामीण स्वच्छ पेयजल योजना के सर्वे के लिए 5 लाख प्रति जिला के हिसाब से सिक्योरिटी के रूप में जमा कराया। 2017 से 2018 तक ठग के खाते में 10 करोड़ रुपये आ चुका था।
सर्वे के बदले पैसा नहीं मिलने पर कंपनियों ने रकम मांगी तो ठग अंडरग्राउंड हो गया। मामला शांत होने पर दोबारा इसी धंधे को दूसरी कंपनी एचकेएम ट्रेड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड व पार्वती कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से शुरू कर दिया।
इस बार भारत सरकार की वन नेशन वन कार्ड, अटल ज्योति योजना के सर्वे, फास्ट टैग व फिनो पेमेंट बैंक की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर कंपनियों से प्रति जिले के हिसाब से पैसे ले रहा था। तीन महीनों में पांच करोड़ रुपये खाते में जमा करा लिए थे। जालसाज को प्रतापगढ़ में दर्ज केस में ही दाखिल कर कार्रवाई की जा रही है।
सर्वे के बदले पैसा नहीं मिलने पर कंपनियों ने रकम मांगी तो ठग अंडरग्राउंड हो गया। मामला शांत होने पर दोबारा इसी धंधे को दूसरी कंपनी एचकेएम ट्रेड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड व पार्वती कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से शुरू कर दिया।
इस बार भारत सरकार की वन नेशन वन कार्ड, अटल ज्योति योजना के सर्वे, फास्ट टैग व फिनो पेमेंट बैंक की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर कंपनियों से प्रति जिले के हिसाब से पैसे ले रहा था। तीन महीनों में पांच करोड़ रुपये खाते में जमा करा लिए थे। जालसाज को प्रतापगढ़ में दर्ज केस में ही दाखिल कर कार्रवाई की जा रही है।