बदायूं गैंगरेप पर सरकार का शर्मनाक बयान!
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बदायूं गैंग रेप कांड पर जहां प्रदेश सरकार की किरकिरी हो रही है, वहीं सरकार के प्रवक्ता ने बेतुका बयान देकर मामले पर सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण दिया है।
प्रदेश में आए दिन हो रही बलात्कार की घटनाओं पर सरकार ने एक बेतुका बयान दिया है।
नियमित प्रेस ब्रीफिंग में गृह विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि, इसमें कोई नई बात नहीं है, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े भी बताते हैं कि यहां दुराचार की रोजाना 10 घटनाएं होती हैं, इसके बावजूद यूपी क्राइम रेट में 22वें नंबर पर है। यानी 21 राज्यों में यूपी के मुकाबले ज्यादा अपराध है।
नहीं कर रहे किसी का बचाव
गृह विभाग की दैनिक पत्रकार वार्ता में शुक्रवार शाम आईजी एसटीएफ आशीष कुमार गुप्ता ने कहा कि रेप के मामलों में पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। हम किसी का बचाव नहीं कर रहे हैं।
बलात्कार पीड़ित महिला की मेडिकल जांच के साथ ही डीएनए फिंगर प्रिंट भी लिया जा रहा है।
आरोपी जब पकड़े जाते हैं तो उनकी भी डीएन फिंगर प्रिंट मिलान की जाती है। प्रदेश में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (पाक्सो) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
ये भी दिया एक तर्क
आईजी एसटीएफ आशीष कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में जितनी भी बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं, उनमें से 60 से 65 फीसदी उस समय होती हैं जब महिलाएं शौच के लिए घर से बाहर खेतों व जंगलों में जाती हैं।
अगर घरों में शौचालय बन जाएंगे तो बलात्कार की घटनाओं में भी काफी कमी आ जाएगी।
इसके लिए गृह विभाग ने संबंधित विभागों से घरों में शौचालय बनवाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए कहा है।