फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   State urban development agency investigation revealed such claimants, More than 98 thousand applications will be canceled

यूपी: पक्का मकान और कार के मालिक, पर पीएम आवास के दावेदार, सूडा की जांच में ऐसे दावेदारों का खुलासा

Wed, 20 Jan 2021 11:14 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 20 Jan 2021 11:14 AM IST
विज्ञापन
State urban development agency investigation revealed such claimants, More than 98 thousand applications will be canceled
प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई) में बन रहे गरीबों के मकान पर अमीरों ने भी दावेदारी कर रखी है। इनके पास पक्के मकान व लग्जरी कार भी है और उनकी लाखों रुपये की कमाई है। लेकिन वे भी पीएम आवास पाने की जुगत लगाए हैं। 
विज्ञापन


पीएम आवास बनाने के लिए प्रदेश स्तर पर नामित नोडल एजेंसी राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) की जांच में ऐसे तमाम लोगों के आवेदनों का पता चला है। इनकी संख्या 5 लाख से अधिक होने की आशंका है।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2017-18 में योजना के ‘लाभार्थी आधारित आवास निर्माण’ घटक के तहत 3,30,559 मकान बनाने के लिए डीपीआर तैयार कराई गई थी। लेकिन आवेदनों की जांच में करीब 98,465 ऐसे लोगों के आवेदन मिले जिनके पास कार, पक्के मकान के अलावा लाखों रुपये की कमाई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इनकी सालाना औसत आय भी तीन लाख से अधिक थी। जबकि मानक के मुताबिक इस घटक के तहत मकान बनाने के लिए उसी व्यक्ति को योजना का लाभ दिया जा सकता है, जिसकी सालाना आय 3 लाख रुपये से कम हो।  लेकिन आय सीमा से कई गुना अधिक आय वाले लोगों ने भी आवेदन कर रखा है। इस आधार पर सूडा ने सभी 98,465 लोगों के आवेदन को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की है।

पहले की योजना में भी ले चुके हैं लाभ

सूत्रों के मुताबिक सूडा की जांच में बहुत से ऐसे भी आवेदकों का भी पता चला है, जो पहले की कांशीराम आवास योजना समेत अन्य आवासीय योजनाओं में लाभ ले चुके हैं और अब पीएम आवास योजना में भी मकान हथियाने की जुगत में हैं। वर्ष 2017-18 में मिले आवेदनों की जांच करीब पूरी हो चुकी है और अब इसी क्रम में अगले वर्षों में मिले आवेदनों की भी जांच शुरू की गई है। माना जा रहा है कि जांच में ऐसे अपात्रों की संख्या 5 लाख से ज्यादा हो सकती है। 

ये है योजना
केंद्र सरकार ने बेघर लोगों को सस्ते मकान देने के लिए ‘प्रधानमंत्री मंत्री आवास योजना’ की शुरुआत की है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग योजना है। योजना के तहत मकान बनाने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 2.50 लाख का अनुदान दिया जाता है। सरकार का 2022 तक सभी बेघरों को मकान मुहैया कराने का लक्ष्य है। शहरी क्षेत्र की योजना के क्रियान्वयन के लिए सूडा को नोडल एजेंसी बनाया गया है। सूडा ही प्रदेश के सभी शहरों में इस योजना का क्रियान्वयन कर रहा है। 

वर्ष 2017-18 में मिले आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है। 98,465 आवेदन अपात्र श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। इन आवेदनों को निरस्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। एक-दो दिन में सभी आवेदन निरस्त हो जाएंगे। अन्य वर्षों में मिले आवेदनों की भी जांच हो रही है।
- उमेश प्रताप सिंह, निदेशक सूडा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed