फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   State receives 45,000 crore investment proposals during Kovid period

कोविड काल में प्रदेश को मिले 45 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 1.35 लाख को मिलेगा रोजगार

Fri, 30 Oct 2020 07:03 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 30 Oct 2020 07:03 PM IST
विज्ञापन
State receives 45,000 crore investment proposals during Kovid period
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन ने कहा है कि सरकार ने कोविड-19 के दौरान 40 से अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। इससे 45,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इनमें से करीब 1.35 लाख रोजगार से जुड़ी परियोजनाओं का क्रियान्वयन शुरू हो गया है।
विज्ञापन


टंडन लोकभवन में आयुक्त सभाकक्ष में अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार के साथ पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने बीते छह महीने में निवेश आकर्षित करने के लिए किए गए प्रयासों व प्राप्त उपलब्धियों साझा किया। टंडन ने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों में जापान, अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, जर्मनी व दक्षिण कोरिया आदि की कंपनियों के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने में 6,700 करोड़ रुपये के निवेश परियोजनाओं के लिए 426 एकड़ (326 भूखंडों) भूमि का आवंटन किया गया है। इससे 1,35,362 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। निवेश से जुड़ी अन्य परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी कार्यवाही चल रही है।
विज्ञापन


अन्य निवेश परियोजनाओं में करीब 10 देशों निवेश प्रस्ताव भी शामिल हैं। हीरानंदानी ग्रुप, सूर्या ग्लोबल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एमजी कैप्सूल्स, केशो पैकेजिंग, माउंटेन व्यू टेक्नालोजी जैसे निवेशक  अपने प्रोजेक्ट लगाएंगे। इसी तरह कोविड-19 के बाद 14,900 करोड़ रुपये के निवेश-प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में परिवर्तित कर अब तक 43 प्रतिशत एमओयू क्रियान्वयन में सफलता मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि निवेशकों की सुविधा के लिए 52 प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। प्रदेश ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में 12 अंक की छलांग लगाकर देश में दूसरे स्थान पर आ गया है। नीतियों में सुधार, भूमि आवंटन व पिछड़े क्षेत्रों में निवेश प्रोत्साहन के कई नए कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा इन्वेस्टर्स समिट से जुड़े एमओयू के क्रियान्वयन को लेकर भी फोकस काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों खासकर पूर्वांचल और मध्यांचल में कई निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इन प्रमुख परियोजनाओं पर निवेश से जुड़ी कार्यवाही जारी

- हीरानंदानी ग्रुप नोएडा में डाटा सेंटर स्थापित करेगा। 750 करोड़ का निवेश।
- ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करेगा। 300 करोड़ निवेश।
- एसोसिएटेड ब्रिटिश फ ूड पीएलसी (एबी मौरी) यूके द्वारा खमीर मैन्यूफैक्चरिंग में 750 करोड़ का निवेश।
- डिक्सन टेक्नोलॉजीज द्वारा कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में 200 करोड़ का निवेश।
- वॉन वेलिक्स (जर्मनी) द्वारा फु टवियर निर्माण में 300 करोड़ का निवेश।
- सूर्या ग्लोबल फ्लेक्सी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पीओपीपीए बीओपीईटीए मेटालाइज्ड फिल्म्स प्रोडक्शन प्लांट में 953 करोड़ का निवेश।
- मैक सॉफ्टवेयर (यूएस) द्वारा सॉफ्टवेयर विकास में 200 करोड़ का निवेश।
- एकाग्रता इंक (कनाडा) द्वारा अनाज अवसंरचना उपकरणों में 746 करोड़ का निवेश।
- एडिसन मोटर्स (दक्षिण कोरिया) द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों में 750 करोड़ का निवेश।
- याजाकी (जापान) द्वारा वायरिंग हारनेस तथा कम्पोनेंट्स में 2,000 करोड़ का निवेश।

जेवर क्षेत्र में एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स, गारमेंट, हस्तशिल्प व खिलौना पार्क बनेंगे
ग्रेटर नोएडा में 5,000 हेक्टेयर में विकसित किया जाने वाला जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा निवेश की बहार लेकर आएगा। टंडन ने बताया कि वहां हवाई अड्डे के साथ एमआरओ, कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयरोट्रोपोलिस जैसी परियोजनाओं के विकास की अच्छी संभावना है। इसके अलावा एमएसएमई पार्क,  इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क, गारमेंट पार्क, हस्तशिल्प पार्क और खिलौना पार्क भी इस क्षेत्र में प्रस्तावित हैं। जेवर हवाई अड्डे से लगभग 6 किमी दूर 1,000 एकड़ में एक फिल्म सिटी की घोषणा भी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में 40,000 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 2.5 से 3 लाख रोजगार सृजन की संभावना है।

सैमसंग की डिस्प्ले यूनिट अप्रैल से शुरू कर देगी कामर्शियल उत्पादन, माइक्रोसाफ्ट का तीसरा कैंपस नोएडा में 
अपर मुख्य सचिव आईटी एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने बताया कि सैमसंग अपनी डिस्प्ले यूनिट चीन की जगह यूपी में लगा रहा है। इससे अप्रैल से कामर्शियल उत्पादन शुरू हा जाएगा। यह कंपनी पहले 1500 करोड़ निवेश करने वाली थी। कोविड काल में इस प्रस्ताव को बढ़ाकर 4800 करोड़ किया गया है। इससे 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि माइक्रोसाफ्ट का तीसरा कैंपस नोएडा में प्रस्तावित है। कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ दो बैठकें हो चुकी हैं।

आर्टीफिशियल इंटीलीजेंस, डिफेंस व एमएसएमई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे
आलोक कुमार ने बताया कि प्रदेश में तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रस्तावित हैं। इनमें आईआईटी कानपुर एक सेंटर आफ आर्टीफिशियल इंटीलीजेंस की स्थापना नोएडा में , टाटा कंर्सोटियम द्वारा लखनऊ के आसपास डिफेंस सेक्टर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा एमएसएमई के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नोएडा में प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक नए स्टार्ट-अप रजिस्टर्ड हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed