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हेरिटेज होटल बनाने पर भू-उपयोग परिवर्तन और विकास शुल्क में छूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 13 Dec 2018 05:35 AM IST
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प्रदेश में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने और लोगों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार ने नई पर्यटन इकाइयां स्थापित करने पर भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क (लैड यूज) और विकास शुल्क से शति-प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है।
नई इकाइयों के साथ उन पुरानी हैरिटेज भवनों को हैरिटेज होटल में बदलने पर यह छूट दी जाएगी। आवास एवं नियोजन विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद छूट देने का यह फैसला अब सभी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में लागू हो गया है।
प्रदेश में लागू ‘उप्र पर्यटन नीति-2018’में ही सरकार ने नई पर्यटन इकाइयों को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में शत-प्रतिशत छूट देने के साथ ही इकाइयों की ऐसी जमीन को भी फ्री होल्ड करने की अनुमति देने का प्रावधान किया था, जो पर्यटन इकाइयां लीज पर संचालित हैं।
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नीति के प्रावधान के मुताबिक हैरिटेज श्रेणी के भवनों को उसी स्वरूप में होटल में परिवर्तित करने पर भी लैंड यूज शुल्क नहीं लेने की व्यवस्था की गई है। ऐसे मामलों में सशर्त लैंड यूज बदलने के लिए निर्धारित शुल्क में शत-प्रतिशत छूट देने की व्यवस्था को आवास विभाग ने सभी विकास प्राधिकरणों में लागू करने का दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
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नई इकाइयों के साथ उन पुरानी हैरिटेज भवनों को हैरिटेज होटल में बदलने पर यह छूट दी जाएगी। आवास एवं नियोजन विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद छूट देने का यह फैसला अब सभी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में लागू हो गया है।
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प्रदेश में लागू ‘उप्र पर्यटन नीति-2018’में ही सरकार ने नई पर्यटन इकाइयों को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में शत-प्रतिशत छूट देने के साथ ही इकाइयों की ऐसी जमीन को भी फ्री होल्ड करने की अनुमति देने का प्रावधान किया था, जो पर्यटन इकाइयां लीज पर संचालित हैं।
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नीति के प्रावधान के मुताबिक हैरिटेज श्रेणी के भवनों को उसी स्वरूप में होटल में परिवर्तित करने पर भी लैंड यूज शुल्क नहीं लेने की व्यवस्था की गई है। ऐसे मामलों में सशर्त लैंड यूज बदलने के लिए निर्धारित शुल्क में शत-प्रतिशत छूट देने की व्यवस्था को आवास विभाग ने सभी विकास प्राधिकरणों में लागू करने का दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।