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एस्मा बेअसर, और उग्र हुए कर्मचारी
शोभित श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Wed, 20 Nov 2013 05:52 PM IST
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सरकार ने महाहड़ताल को अवैध करार देते हुए भले ही एस्मा लागू कर दिया हो लेकिन कर्मचारियों में इसका कोई डर नहीं दिख रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक कर्मचारी पहले से और ज्यादा उग्र हो गए हैं और गिरफ्तारी देने पर आमादा है। प्रदेश के अधिकतर जिलों महाहड़ताल का असर दिख रहा है।
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बताते चलें कि सरकार ने राज्यकर्मियों की महाहड़ताल को अवैध करार देते हुए एस्मा लागू कर दिया था।
राज्य कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार ने और सख्त रुख अपनाते हुए अत्यावश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाने का फैसला किया।
सरकार ने इस हड़ताल को अवैध करार दिया है। अब पूरी तैयारी है इस बेमियादी हड़ताल को सिरे से कुचलने की।
इस कानून के लागू हो जाने के बाद अब हड़ताली कर्मचारियों की बर्खास्तगी तक की जा सकती है। सरकार ने कर्मचारी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए यह निर्णय किया।
मंगलवार रात मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने आला अधिकारियों के साथ बैठक कर हड़ताल की समीक्षा की। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को लेकर भी मंथन किया गया।
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हड़तालियों द्वारा आवश्यक सेवाएं ठप किए जाने को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए तय किया गया है अब हड़ताल से एस्मा के तहत निपटा जाएगा।
हो सकती है सख्त कार्रवाई
इस कानून के लागू हो जाने से सरकार अब गड़बड़ी या जबरन काम बंद कराने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तक कर सकती है। सरकार अब उन कर्मचारी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी धरपकड़ कर सकती है जो हड़ताल को बढ़ावा दे रहे हैं।
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एस्मा में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई तमिलनाडु की सरकार ने की थी। वहां पर राज्य कर्मचारियों की हड़ताल खत्म न होने से नाराज सरकार ने दो लाख कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। हालांकि बाद में इन कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी।