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UP: 500 बड़ी कंपनियों पर रियायतों की बारिश, जमीन, बिजली और स्टांप ड्यूटी पर भारी छूट, FDI नीति और एसओपी जारी

Tue, 21 Nov 2023 08:29 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 21 Nov 2023 08:29 AM IST
सार

विकास प्राधिकरणों से जमील लेने पर स्टांप छूट के लिए शासन द्वारा एक पत्र निवेशक को दिया जाएगा। निजी डेवलपर से जमीन खरीदने पर इनवेस्ट यूपी द्वारा प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसी के आधार पर सब्सिडी मिलेगी। औद्योगिक उत्पादन शुरू होने के बाद स्टांप व पंजीकरण शुल्क की प्रतिपूर्ति कर दी जाएगी।

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Standard Operating Procedure released to attract Fortune 500 companies
एफडीआई - फोटो : pixabay

विस्तार

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और फार्च्यून 500 कंपनियों को आकर्षित करने के लिए बनाई गई निवेश प्रोत्साहन नीति (एफडीआई पालिसी) की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) सोमवार को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने जारी कर दी। ये नीति फिलहाल एक नवंबर 2023 से 31 अक्तूबर 2028 तक प्रभावी रहेगी। 
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फार्च्यून 500 में फार्च्यून ग्लोबल 500 और फार्च्यून इंडिया 500 कंपनियों को शामिल किया गया है। निवेशकों को पांच साल बिजली के बिल में सौ फीसदी छूट मिलेगी। स्टांप ड्यूटी व पंजीकरण में 50 से 100 फीसदी छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त जमीन पर भी 75 से 80 फीसदी तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
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एफडीआई नीति का लाभ लेने केे लिए सभी आवेदन निवेश मित्र पोर्टल के जरिये स्वीकार किए जाएंगे। पोर्टल के काम न करने की स्थिति में आवेदन advantageup@investup.org.in पर स्वीकार किए जाएंगे। 
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निवेशकों को स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण में छूट मिलेगी। ये छूट गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में 50 फीसदी, मध्यांचल, पश्चिमांचल में 75 फीसदी और बुंदेलखंड व पूर्वांचल में 100 फीसदी होगी। सब्सिडी केे एवज में निवेशक को उतनी ही रकम की बैंक गारंटी देनी होगी। 

विकास प्राधिकरणों से जमील लेने पर स्टांप छूट के लिए शासन द्वारा एक पत्र निवेशक को दिया जाएगा। निजी डेवलपर से जमीन खरीदने पर इनवेस्ट यूपी द्वारा प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसी के आधार पर सब्सिडी मिलेगी। औद्योगिक उत्पादन शुरू होने के बाद स्टांप व पंजीकरण शुल्क की प्रतिपूर्ति कर दी जाएगी।

जमीन पर मिलेगी 75 फीसदी से ज्यादा सब्सिडी
एफडीआई के तहत निवेशकों को जमीन पर भी सब्सिडी मिलेगी। ये सब्सिडी न्यूनतम 75 फीसदी से 80 फीसदी होगी। कुछ मामलों में ये 80 फीसदी से भी ज्यादा हो सकती है। इसकी समीक्षा सात दिन के अंदर इनवेस्ट यूपी के सीईओ की अध्यक्षता में गठित मूल्यांकन समिति करेगी। इस रिपोर्ट को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त के नेतृत्व में गठित प्राधिकार समिति के सामने पेश किया जाएगा।

समिति 15 दिन में प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार कर देगी। प्राधिकार समिति द्वारा प्रस्ताव स्वीकार होने पर संबंधित विकास प्राधिकरण के लिए पत्र जारी किया जाएगा। यदि निवेशक दी गई निवेश अवधि के अंदर उत्पादन शुरू नहीं करता है तो 12 फीसदी ब्याज के साथ जमीन वापस ले ली जाएगी।

सब्सिडी प्राप्त करने के लिए जरूरी लेटर आफ कम्फर्ट को निवेशकों को कंपनी से जुड़े 11 दस्तावेज अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे।

निवेश के लिए अवधि
-100 से 200 करोड़ के निवेश में उत्पादन अधिकतम 4 साल में शुरू करना होगा
-200 से 500 करोड़ के निवेश में उत्पादन अधिकतम 5 साल में शुरू करना होगा
-500 से 3000 करोड़ के निवेश में उत्पादन अधिकतम 7 साल में शुरू करना होगा
-3000 करोड़ से ज्यादा निवेश में उत्पादन अधिकतम 9 साल में शुरू करना होगा

(पूंजी निवेश में जमीन की कीमत, निर्माण की लागत, कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा, इफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को शामिल नहीं किया जाएगा)
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