डकैती-गैंगरेप का खुलासा न हो पाने पर SSP ने थानाध्यक्ष को किया सस्पेंड
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पारा डकैती और गैंगरेप के 24 घंटे से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी खुलासा न कर पाने पर पारा थानाध्यक्ष विनोद कुमार यादव को एसएसपी मंजिल सैनी ने निलंबित कर दिया।
बता दें कि सलेमपुर पतारा गांव में 26/27 की रात करीब 1 बजे एक कारपेंटर के घर में घुसे 10-12 डकैतों ने पूरे परिवार के साथ मारपीट कर लूटपाट की थी और 12 वर्षीय बच्ची को एक बगीचे में ले जाकर दरिंदगी की थी।
पुलिस के मुताबिक वारदात में आसपास के गांव या सीतापुर और हरदोई के बदमाशों का हाथ है। क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सहित चार टीमें डकैतों की तलाश में जुटी रहीं लेकिन अपराधी अब तक पहुंच से बाहर हैं। पड़ोस के बदलापुर गांव से छह संदिग्धों को पकड़ा गया है।
पुलिस का कहना मजदूरों ने की वारदात
बुधवार को पीड़ित परिवार से मिलकर डकैतों के हुलिया व बातचीत के लहजे का ब्यौरा लिया गया था। इस बीच छानबीन में जुटी स्थानीय पुलिस ने डकैतों के आसपास का होने की आशंका जताई थी।
पुलिस कहना है कि डकैत मजदूर थे जो रात को नशे की हालत में वारदात के इरादे से घर में घुस आए और बच्ची को देखकर दरिंदगी कर डाली।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सोमवार से आसपास के गांवों से कितने लोग गायब हैं।
पीड़ित ने बताया था कि पारा थाना के जिस इलाके में वह रहता है, वहां अपराधियों और अराजक तत्वों का अड्डा है। जुआघर चलता है जहां शराब पीकर लोग झगड़ा-फसाद करते हैं। पुलिस भी वसूली करने आती है।