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मेरठ के शॉप्रिक्स मॉल में सौरभ को दिए गए थे जासूसी के पैसे
Sun, 10 Jan 2021 09:20 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 10 Jan 2021 09:20 PM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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सेना के दस्तावेजों को लीक करने के आरोप में हापुड़ से गिरफ्तार किया गया पूर्व सैनिक सौरभ शर्मा को मेरठ के शॉप्रिक्स मॉल में नकद पैसे मिले थे। यह पैसे पिछले साल दिए गए थे। सौरभ को मॉल में एक स्थान बताया गया कि जहां पैसे एक लिफाफे में करके पहले से रखे हुए थे। रविवार को यूपी एटीएस की एक टीम शॉप्रिक्स मॉल पहुंची और उस जगह की शिनाख्त कराई।
सूत्रों का कहना है कि सौरभ वैसे तो 6 साल से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी कर रहा था, लेकिन खुफिया एजेंसियों के राडार पर वह 2020 के अंत में आया जब उसका पाकिस्तान इंटेलीजेंस की महिला आफिसर से मनमुटाव हो गया। उसे पहले कैश पैसे दिए जाते थे, जिसमें पैसे देने वाले से सौरभ का संपर्क नहीं हो पाता था। पैसे अलग-अलग स्थानों पर लिफाफे में करके रख दिए जाते थे और फिर सौरभ को वहां से लिफाफा उठा लेने के लिए कहा जाता था। बाद में पैसों का ट्रांजेक्शन खातों में भी होने लगा।
मॉल के सीसीटीवी कैमरों की मांगी गई फुटेज
सूत्रों का कहना है कि शॉप्रिक्स मॉल की फुटेज यूपी एटीएस ने मांगी है, जिसमें पता किया जाएगा कि पैसा किसने रखा और फिर एटीएस उसके हुलिये से उस तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
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सेना के मूवमेंट की जानकारी मुहैया कराता था सौरभ
सौरभ काफी समय तक पंजाब के पठानकोट में सिग्नल पर काम करता था। यहां सेना के मूवमेंट की जानकारी होती है। सूत्रों का कहना है कि इसी जानकारी को वह पीआईओ को व्हाट्स एप के जरिए देता था। फिलहाल एटीएस को ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है, जिसमें पठानकोट में हुए आतंकी हमले के समय सेना के मूवमेंट की जानकारी उसने दी हो।
उधर, सौरभ के खातों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने वाले अनस को रविवार को ट्रांजिट रिमांड पर लाने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सोमवार को यूपी एटीएस उसकी रिमांड मांगेगी।
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सूत्रों का कहना है कि सौरभ वैसे तो 6 साल से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी कर रहा था, लेकिन खुफिया एजेंसियों के राडार पर वह 2020 के अंत में आया जब उसका पाकिस्तान इंटेलीजेंस की महिला आफिसर से मनमुटाव हो गया। उसे पहले कैश पैसे दिए जाते थे, जिसमें पैसे देने वाले से सौरभ का संपर्क नहीं हो पाता था। पैसे अलग-अलग स्थानों पर लिफाफे में करके रख दिए जाते थे और फिर सौरभ को वहां से लिफाफा उठा लेने के लिए कहा जाता था। बाद में पैसों का ट्रांजेक्शन खातों में भी होने लगा।
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मॉल के सीसीटीवी कैमरों की मांगी गई फुटेज
सूत्रों का कहना है कि शॉप्रिक्स मॉल की फुटेज यूपी एटीएस ने मांगी है, जिसमें पता किया जाएगा कि पैसा किसने रखा और फिर एटीएस उसके हुलिये से उस तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
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सेना के मूवमेंट की जानकारी मुहैया कराता था सौरभ
सौरभ काफी समय तक पंजाब के पठानकोट में सिग्नल पर काम करता था। यहां सेना के मूवमेंट की जानकारी होती है। सूत्रों का कहना है कि इसी जानकारी को वह पीआईओ को व्हाट्स एप के जरिए देता था। फिलहाल एटीएस को ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है, जिसमें पठानकोट में हुए आतंकी हमले के समय सेना के मूवमेंट की जानकारी उसने दी हो।
उधर, सौरभ के खातों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने वाले अनस को रविवार को ट्रांजिट रिमांड पर लाने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सोमवार को यूपी एटीएस उसकी रिमांड मांगेगी।