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पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण धार्मिक व प्रतीक स्थलों का होगा विकास, सरकार ने दी मंजूरी
Mon, 12 Aug 2019 04:23 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 12 Aug 2019 04:23 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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योगी सरकार ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार देने के लिए प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास की योजना मंजूर की है। योजना के तहत पिछड़े वर्ग के प्रतीकों से जुड़े स्थलों का भी विकास कराया जाएगा।
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योजना के तहत सरकार ने गोरखपुर और सीरगोवर्धन वाराणसी के पर्यटन विकास को मंजूरी दी है। इसी तरह बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्मारक के सौंदर्यीकरण, उन्नाव में राजाराव राम बक्श सिंह पार्क में अवस्थापना सुविधाओं के विकास और लखनऊ स्थित ऐशबाग में रामलीला मैदान के पर्यटन विकास को भी मंजूरी दी गई है। विभाग के अधिकारी ने बताया कि इन सभी कार्यों पर 70 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
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इन स्थलों का भी होगा विकास
पर्यटन विभाग ने नए ईको और हेरिटेज सर्किट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए विभाग ने करीब दो सौ करोड़ से अधिक लागत की पर्यटन विकास की योजनाएं प्रस्तावित की हैं। इसमें सीतापुर स्थित नैमिषारण्य में दशाश्वमेघ घाट, झांसी-ललितपुर में हेरिटेज सर्किट, क्रांति पथ का निर्माण, मिर्जापुर, चुनार व अन्य स्थलों पर हेरिटेज सर्किट, सलखन फासिल्स पार्क, कैमूर वन्यजीव विहार में ईको-सर्किट का निर्माण प्रस्तावित है।
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प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी और सारनाथ के पर्यटन स्थलों के विकास के साथ ही सोनभद्र के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर ईको-सर्किट और चित्रकूट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के प्रस्ताव है।