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खेल - अनुराग
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आज से लौटेगी खेल के मैदानों की रंगत
खेल निदेशालय ने जारी किए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ट्रेनिंग के निर्देश
फिलहाल स्थायी प्रशिक्षक ही देंगे ट्रेनिंग, अंशकालिक प्रशिक्षकों की तैनाती अक्तूबर मध्य तक
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। प्रदेश में बृहस्पतिवार से खेलों के मैदानों की रंगत लौटेगी। इस संबंध में खेल निदेशालय से बुधवार को सभी जिलों में खेल अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए। खेलों की ट्रेनिंग सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर की जाएगी। फिलहाल प्रदेश में तैनात 150 स्थायी प्रशिक्षक ही इन खेलों की ट्रेनिंग देंगे। अक्तूबर मध्य तक करीब चार सौ से साढ़े चार सौ अंशकालिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद प्रदेश में सभी खेलों का संचालन संभव हो सकेगा।
हालांकि अभी खेल विभाग के छात्रावास नहीं खोले जाएंगे। केवल स्थानीय खिलाड़ी स्टेडियम में आकर अपने खेल की ट्रेनिंग ले सकते हैं। खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लगभग छह माह के बाद प्रदेश में खेलों की ट्रेनिंग पर ब्रेक लगाया गया था। पहले चरण में खेल विभाग के 150 स्थायी प्रशिक्षक ट्रेनिंग देंगे। बाद में आउटसोर्सिंग के माध्यम से अंशकालिक प्रशिक्षकों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाएगा। सभी खिलाड़ियों को मास्क और सैनिटाइजर के साथ ही स्टेडियम में प्रवेश दिया जाएगा। अगर किसी भी जिले के स्टेडियम में कोविड-19 के बचाव के लिए उपकरण नहीं पाए गए, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में मिलेगा इन खेलों का प्रशिक्षण
राजधानी में खेल विभाग के 10 स्थायी प्रशिक्षक हैं, जो बृहस्पतिवार से ट्रेनिंग का जिम्मेदारी संभालेंगे। केडी सिंह बाबू स्टेडियम में बालक-बालिका हॉकी के अलावा एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग एवं वॉलीबॉल की ट्रेनिंग दी जाएगी। हालांकि स्वीमिंग में एक स्थायी प्रशिक्षक एवं लाइफसेवर होने के बावजूद इस खेल की ट्रेनिंग तरणताल में नहीं होगी। वे स्टेडियम में अपने प्रशिक्षकों को फिटनेस ट्रेनिंग दे सकते हैं। शहर के अन्य स्टेडियमों के तहत चौक में फुटबॉल, विनय खंड मिनी स्टेडियम में टेनिस और विजयंत खंड में ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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खेल निदेशालय ने जारी किए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ट्रेनिंग के निर्देश
फिलहाल स्थायी प्रशिक्षक ही देंगे ट्रेनिंग, अंशकालिक प्रशिक्षकों की तैनाती अक्तूबर मध्य तक
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। प्रदेश में बृहस्पतिवार से खेलों के मैदानों की रंगत लौटेगी। इस संबंध में खेल निदेशालय से बुधवार को सभी जिलों में खेल अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए। खेलों की ट्रेनिंग सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर की जाएगी। फिलहाल प्रदेश में तैनात 150 स्थायी प्रशिक्षक ही इन खेलों की ट्रेनिंग देंगे। अक्तूबर मध्य तक करीब चार सौ से साढ़े चार सौ अंशकालिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद प्रदेश में सभी खेलों का संचालन संभव हो सकेगा।
हालांकि अभी खेल विभाग के छात्रावास नहीं खोले जाएंगे। केवल स्थानीय खिलाड़ी स्टेडियम में आकर अपने खेल की ट्रेनिंग ले सकते हैं। खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लगभग छह माह के बाद प्रदेश में खेलों की ट्रेनिंग पर ब्रेक लगाया गया था। पहले चरण में खेल विभाग के 150 स्थायी प्रशिक्षक ट्रेनिंग देंगे। बाद में आउटसोर्सिंग के माध्यम से अंशकालिक प्रशिक्षकों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाएगा। सभी खिलाड़ियों को मास्क और सैनिटाइजर के साथ ही स्टेडियम में प्रवेश दिया जाएगा। अगर किसी भी जिले के स्टेडियम में कोविड-19 के बचाव के लिए उपकरण नहीं पाए गए, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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लखनऊ में मिलेगा इन खेलों का प्रशिक्षण
राजधानी में खेल विभाग के 10 स्थायी प्रशिक्षक हैं, जो बृहस्पतिवार से ट्रेनिंग का जिम्मेदारी संभालेंगे। केडी सिंह बाबू स्टेडियम में बालक-बालिका हॉकी के अलावा एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग एवं वॉलीबॉल की ट्रेनिंग दी जाएगी। हालांकि स्वीमिंग में एक स्थायी प्रशिक्षक एवं लाइफसेवर होने के बावजूद इस खेल की ट्रेनिंग तरणताल में नहीं होगी। वे स्टेडियम में अपने प्रशिक्षकों को फिटनेस ट्रेनिंग दे सकते हैं। शहर के अन्य स्टेडियमों के तहत चौक में फुटबॉल, विनय खंड मिनी स्टेडियम में टेनिस और विजयंत खंड में ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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