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यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए नेपाल बॉर्डर पर विशेष चौकसी
Sun, 20 Dec 2020 07:52 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 20 Dec 2020 07:52 PM IST
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खाद-सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
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यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए नेपाल बॉर्डर पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। सरकार ने बॉर्डर के 5 किलोमीटर दायरे में निजी खाद विक्रेता के माध्यम से बिक्री न होने देने के नियम का कड़ाई से पालन के आदेश भी दिए हैं। साथ ही सभी जिलों में ज्यादा खाद खरीदने वालों की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
रबी सीजन में विगत खरीफ सीजन की तरह खाद की किल्लत कहीं भी ना होने देने के लिए खास निगरानी रखी जा रही है। सभी जिलों में खाद की पर्याप्त आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शत-प्रतिशत यूरिया खाद की बिक्री प्वॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से ही करने के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। जिन्हें खाद बेची जाएगी, विक्रेता को उन किसानों का पूरा रिकॉर्ड अपने पास रखना होगा। बार-बार ज्यादा मात्रा में खाद खरीदने वाले किसानों के रकबे का सत्यापन भी कराया जाएगा।
यूरिया खाद पर सरकार सब्सिडी देती है। इसलिए इस खाद के नेपाल भेजे जाने की आशंका सदैव बनी रहती है। यूपी के 7 जिलों पीलीभीत, लखीमपुर-खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज की सीमाएं नेपाल से सटी हैं। इसलिए अपर मुख्य सचिव, कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने यहां के कृषि अधिकारियों और जिलाधिकारियों व मंडलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नेपाल को खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाए। कहीं भी शिकायत मिलने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
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रबी सीजन में विगत खरीफ सीजन की तरह खाद की किल्लत कहीं भी ना होने देने के लिए खास निगरानी रखी जा रही है। सभी जिलों में खाद की पर्याप्त आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शत-प्रतिशत यूरिया खाद की बिक्री प्वॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से ही करने के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। जिन्हें खाद बेची जाएगी, विक्रेता को उन किसानों का पूरा रिकॉर्ड अपने पास रखना होगा। बार-बार ज्यादा मात्रा में खाद खरीदने वाले किसानों के रकबे का सत्यापन भी कराया जाएगा।
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यूरिया खाद पर सरकार सब्सिडी देती है। इसलिए इस खाद के नेपाल भेजे जाने की आशंका सदैव बनी रहती है। यूपी के 7 जिलों पीलीभीत, लखीमपुर-खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज की सीमाएं नेपाल से सटी हैं। इसलिए अपर मुख्य सचिव, कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने यहां के कृषि अधिकारियों और जिलाधिकारियों व मंडलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नेपाल को खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाए। कहीं भी शिकायत मिलने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
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