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एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए तैनात होगी एसटीएफ
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 20 May 2014 03:02 AM IST
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हवाई अड्डे की बाहरी सुरक्षा अब स्पेशल टास्क फोर्स के हवाले रहेगी। इस टास्क फोर्स में जिला प्रशासन सहित एलडीए, नगर निगम, वन विभाग व पुलिस के अधिकारी शामिल होंगे।
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यह टॅस्क फोर्स पर्यावरण के मानकों के अनुपालन के साथ हवाई अड्डा क्षेत्र के दो से दस किमी दायरे में मांस मछली बेचने वाली दुकानों पर रोक लगाएगी।
जिससे हवाई अड्डा क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा बनने वाले पक्षियों व आवारा पशुओं को रोका जा सके।
इसके साथ ही यह टास्क फोर्स हवाई अड्डा क्षेत्र के आसपास के इलाकों में अवैध खनन, अवैध होर्डिंग, अवैध वन लकड़ी कटान की रोकथाम के लिए भी सीधे तौर पर जिम्मेदार होगी।
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यह जानकारी जिलाधिकारी राजशेखर ने दी। वे सोमवार को मंडलायुक्त कार्यालय में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा की पर्यावरण प्रबंध समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
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जिलाधिकारी ने बताया कि गठित टास्क फोर्स हर माह की पहली तारीख को संयुक्त बैठक कर नियमित कार्रवाई की समीक्षा भी करेगी।
टास्क फोर्स के सदस्य एयरपोर्ट के आसपास संचालित मांस-मछली के दुकानदारों को समझाएंगे कि उनके वेस्ट मटेरियल से हवाई जहाज व यात्रियों की सुरक्षा पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है।
उन्होंने टास्क फोर्स के अधिकारियों से कहा कि हवाई अड्डे के आसपास बर्डहिट एरिया को शून्य करने, लावारिस पशुओं के विचरण पर रोक लगाने व कूड़ा प्रबंधन को प्रभावी बना कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट डीएम कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
डीएम ने हवाई अड्डा निदेशक को रूल 91 ऑफ एयर क्राफ्ट एक्ट 1937 की एक-एक प्रति जिला प्रशासन सहित एलडीए, नगर निगम, वन विभाग, पुलिस विभाग तथा संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने को भी कहा।
वहीं, निदेशक विमानपत्तन सुरेश चंद्र होता ने बताया कि हवाई अड्डे की बाहरी सुरक्षा को सबसे ज्यादा खतरा पक्षियों व आवारा पशुओं की चहलकदमी से होता है।
जिलाधिकारी ने इसकी रोकथाम के लिए नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हवाई अड्डे की पर्यावरण सुरक्षा के तय बिंदुओं के आधार पर 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर व 2 किलोमीटर परिधि क्षेत्र में आने वाले स्थानों का नए सिरे से सर्वे कराकर विस्तृत आख्या तैयार कर संचालित मांस मछली की दुकानों को हटाएं।