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‘हिरोशिमा दिवस’ पर विशेष प्रार्थना सभा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 07 Aug 2013 09:04 AM IST
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68वें हिरोशिमा दिवस के अवसर पर सिटी मॉण्टेसरी स्कूल के कानपुर रोड स्थित
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ऑडिटोरियम में विशेष प्रार्थना सभा हुई। इस अवसर पर बच्चों ने एकसाथ विश्व
शांति और एकता की प्रार्थना की।
उन्होंने हिरोशिमा त्रासदी की याद दिलाते हुए विश्व समुदाय से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने की अपील की। इस अवसर विद्यालय संस्थापक डॉ. जगदीश गांधी भी मौजूद थे।
इधर, इधर, डैफोडिल्स कॉन्वेंट कॉलेज में मंगलवार को ‘जापान से सीख’ विषयक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें राजधानी के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने अपनी चित्रकला से विश्व शांति और परमाणु निशस्त्रीकरण का संदेश दिया।
इस अवसर पर बीएचयू-आईआईटी के आचार्य और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित डॉ. संदीप पांडेय ने भारत सरकार को नाभिकीय ऊर्जा का विकल्प ढूंढ़ने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि नाभिकीय ऊर्जा अत्यधिक खर्चीली होने के साथ ही मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा है। इससे निकलने वाले रेडियोएक्टिव वेस्ट निपटारे की चुनौती को समझने की जरूरत है।
प्रदर्शनी में ला मार्टीनियर कॉलेज, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, इरम कॉन्वेंट कॉलेज समेत राजधानी के एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया था।
स्वास्थ्य को वोट अभियान, सीएनएस, आशा परिवार और जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय के तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
उन्होंने हिरोशिमा त्रासदी की याद दिलाते हुए विश्व समुदाय से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने की अपील की। इस अवसर विद्यालय संस्थापक डॉ. जगदीश गांधी भी मौजूद थे।
इधर, इधर, डैफोडिल्स कॉन्वेंट कॉलेज में मंगलवार को ‘जापान से सीख’ विषयक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें राजधानी के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने अपनी चित्रकला से विश्व शांति और परमाणु निशस्त्रीकरण का संदेश दिया।
इस अवसर पर बीएचयू-आईआईटी के आचार्य और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित डॉ. संदीप पांडेय ने भारत सरकार को नाभिकीय ऊर्जा का विकल्प ढूंढ़ने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि नाभिकीय ऊर्जा अत्यधिक खर्चीली होने के साथ ही मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा है। इससे निकलने वाले रेडियोएक्टिव वेस्ट निपटारे की चुनौती को समझने की जरूरत है।
प्रदर्शनी में ला मार्टीनियर कॉलेज, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, इरम कॉन्वेंट कॉलेज समेत राजधानी के एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया था।
स्वास्थ्य को वोट अभियान, सीएनएस, आशा परिवार और जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय के तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।