शिक्षक भर्ती परीक्षा: नकल रोकने को खास प्लान
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सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में 6028 प्रशिक्षित शिक्षकों के पदों पर होने वाली भर्ती में किसी प्रकार की धांधली नहीं हो पाएगी। इसकी परीक्षा में धांधली रोकने के लिए रेंडम सिटिंग प्लान के आधार पर परीक्षार्थियों को बैठाया जाएगा।
यही नहीं परीक्षा के दौरान औचक जांच के लिए पर्यवेक्षक उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से न भेजकर बल्कि मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक व जिला विद्यालय निरीक्षकों के स्तर पर लगाया जाएगा।
बोर्ड के चेयरमैन डॉ. परशुराम पाल ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश भेज दिया है। 6028 प्रशिक्षित शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षाएं 25 जनवरी, 1, 8, 15 व 22 फरवरी को होंगी।
प्रदेश में कुल 260 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रशिक्षित शिक्षक के लिए कुल 17 विषयों की परीक्षाएं होंगी। परीक्षा के दौरान किसी तरह से धांधली न हो इसके लिए कंप्यूटर से रेंडम सिटिंग प्लान लगाते हुए परीक्षार्थियों को बैठाया जाएगा। अभी तक रोल नंबर के आधार पर परीक्षार्थियों को बैठाया जाता रहा है।
इसलिए होती थी धांधली
इसके अलावा परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिकाएं संबंधित जिले में ही संकलित कराते हुए एजेंसियों को भेजी जाएंगी। इसके पहले उत्तरपुस्तिकाएं चयन बोर्ड के पास आती थीं और बाद में संबंधित एजेंसियों को भेजा जाता था। इससे धांधली की संभावना अधिक बनी रहती थी।
प्रधानाचार्यों का साक्षात्कार 6 फरवरी से
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा प्रधानाचार्यों के साक्षात्कार एक बार फिर से 6 फरवरी से शुरू किए जाने की तैयारी है।
इस संबंध में प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार से विचार-विमर्श के बाद चेयरमैन आदेश जारी कर सकते हैं। बोर्ड ने पूर्व में प्रधानाचार्य पद के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन विवाद के चलते इसे रोक दिया गया था।