बस चलाते समय नींद आने पर अलर्ट करेगा एसएमएस, किए जा रहे हैं ये बदलाव
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बैठक में प्रमुख राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर हुई चर्चा के बाद तय हुआ कि प्रमुख मार्गों तथा एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटना बहुल स्थानों को चिह्नित किया जाए। मुख्य सचिव ने यातायात नियमों का पालन न करने वाले रोडवेज चालकों के व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।
उन्होंने चिह्नित मार्गों पर रात में प्रकाश की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। कहा, कंट्रोल रूम से जीपीएस आधारित सीसीटीवी कैमरों के जरिए बस चालकों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें एसएमएस से अलर्ट भेजने की व्यवस्था करें।
इसका डाटाबेस भी बनाएं जिससे इसकी पुनरावृत्ति होने पर संबंधित चालक का लाइसेंस निरस्त करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव परिवहन आरके सिंह, प्रबंध निदेशक यूपीएसआरटीसी राजशेखर, सचिव लोक निर्माण समीर वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
हर तीसरे माह चलाएं सड़क सुरक्षा सप्ताह
मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा के बारे में लोगों को और अधिक जागरूक करने के लिए हर तीन माह में सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन करने के निर्देश दिए। इसके लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों के साथ सोशल मीडिया का भी प्रयोग करें।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को जनता का कार्य संपादित करते समय बॉडी वार्न कैमरे पहनने के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई। परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने बताया कि सड़क सुरक्षा के तहत हो रहे प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में 5.4 फीसदी, दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है।