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बड़े बकायेदारों से गृहकर वसूली के लिए जनवरी से मार्च तक चलेगा विशेष अभियान
Mon, 14 Dec 2020 11:42 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 14 Dec 2020 11:42 PM IST
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फाइल फोटो
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सरकार ने नगर निकायों के बकाये राजस्व की वसूली के लिए गृहकर के बड़े बकायेदारों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। यह आगामी जनवरी से लेकर मार्च तक चलाया जाएगा।
अभियान के दौरान बकायेदारों को पहले नोटिस देकर बकाया टैक्स जमा करने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी टैक्स न जमा करने वालों के खिलाफ कुर्की, एफआईआर, बैंक खाता सीज या विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नगर विकास विभाग द्वारा इस सम्बंध में तैयार की रणनीति के मुताबिक अभियान शुरू करने से पहले सभी नगर निगमों के स्तर पर 100-100 बड़े बकाएदारों की सूची तैयार की जाएगी। इसके आधार पर वसूली अभियान चलाया जाएगा। कम वसूली करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई भी की जाएगी।
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नगर विकास विभाग के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि लॉकडाउन और कोरोना काल की वजह से नगर निगमों की वितीय स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ा है। उनके पास राजस्व की भारी कमी हो गई है। छोटे-छोटे कामों के लिए भी नगर निकायों को शासन पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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अभियान के दौरान बकायेदारों को पहले नोटिस देकर बकाया टैक्स जमा करने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी टैक्स न जमा करने वालों के खिलाफ कुर्की, एफआईआर, बैंक खाता सीज या विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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नगर विकास विभाग द्वारा इस सम्बंध में तैयार की रणनीति के मुताबिक अभियान शुरू करने से पहले सभी नगर निगमों के स्तर पर 100-100 बड़े बकाएदारों की सूची तैयार की जाएगी। इसके आधार पर वसूली अभियान चलाया जाएगा। कम वसूली करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई भी की जाएगी।
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नगर विकास विभाग के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि लॉकडाउन और कोरोना काल की वजह से नगर निगमों की वितीय स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ा है। उनके पास राजस्व की भारी कमी हो गई है। छोटे-छोटे कामों के लिए भी नगर निकायों को शासन पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
शासन का मानना है कि नगर निगम अगर ठीक से आवासीय और अनवासीय कर की वसूली कर लें तो काफी हद तक उनकी वितीय स्थिति ठीक हो जाएगी।
शासन और निदेशालय स्तर पर हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में गृहकर वसूली के लिए तीन माह यानी वितीय वर्ष की समाप्ति तक जनवरी से लेकर मार्च तक गृहकर की वसूली के लिए विशेष अभियान चलवाने पर सहमति बनी है। नगर निगमों को इस दौरान बड़े बकाएदारों की सूची तैयार करनी होगी।
खासकर उन बकाएदारों की जिन्होंने सालों से गृहकर नहीं दिया है। इसमें आवासीय और अनावासीय दोनों प्रकार के बकाएदारों के नाम होंगे। इसके बाद उन्हें नोटिस देकर बकाया जमा करने का मौका दिया जाएगा।
इसके बाद भी गृहकर न जमा करने वालों के खिलाफ नगर निगम अधिनियम में दी गई व्यवस्था के अनुसार कुर्की, खाता सीज या फिर अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शासन और निदेशालय स्तर पर हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में गृहकर वसूली के लिए तीन माह यानी वितीय वर्ष की समाप्ति तक जनवरी से लेकर मार्च तक गृहकर की वसूली के लिए विशेष अभियान चलवाने पर सहमति बनी है। नगर निगमों को इस दौरान बड़े बकाएदारों की सूची तैयार करनी होगी।
खासकर उन बकाएदारों की जिन्होंने सालों से गृहकर नहीं दिया है। इसमें आवासीय और अनावासीय दोनों प्रकार के बकाएदारों के नाम होंगे। इसके बाद उन्हें नोटिस देकर बकाया जमा करने का मौका दिया जाएगा।
इसके बाद भी गृहकर न जमा करने वालों के खिलाफ नगर निगम अधिनियम में दी गई व्यवस्था के अनुसार कुर्की, खाता सीज या फिर अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।