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यूपी विधानसभा चुनाव : बीडीसी, पार्षद, जिला पंचायत सदस्यों के मानदेय का मुद्दा गरमाएगी सपा

Mon, 06 Sep 2021 04:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा चंद्रभान यादव, लखनऊ
चंद्रभान यादव, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 06 Sep 2021 04:12 AM IST
सार

  • घोषणा पत्र में करेगी शामिल, विभिन्न यात्राओं व जनसभाओं में हो रही चर्चा 

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SP will heat up the issue of honorarium of BDC, councilor, district panchayat members
demo pic... - फोटो : amar ujala

विस्तार

समाजवादी पार्टी क्षेत्र पंचायत सदस्य, पार्षद, सभासद और जिला पंचायत सदस्य को मानदेय का मुद्दा गरमाएगी। यही नहीं, आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में इसे शामिल करने की तैयारी में है। पार्टी इस मुद्दे के जरिए पंचायत और वार्ड के जनप्रतिनिधियों को अपने खेमे में करने की रणनीति अपना रही है। विधान परिषद में इस मुद्दे को उठाने के बाद अब विभिन्न यात्राओं और जनसभाओं में इसकी चर्चा हो रही है।

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वर्ष 1994 में सपा सरकार के कार्यकाल में ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष और नगर पालिका व पंचायत चेयरमैन को मानदेय देने की शुरुआत हुई। वर्ष 2012 में सपा के सत्ता में आने पर मानदेय में बढ़ोतरी की गई। ग्राम प्रधान को 3500 रुपये, ब्लॉक प्रमुख को सात हजार, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत व पालिका चेयरमैन को 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इसके अलावा अलग से यात्रा भत्ता मिलता है। 
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वर्तमान में विभिन्न संगठनों की ओर से क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीसीडी), पार्षद, सभासद और जिला पंचायत सदस्यों को भी मानदेय देने की मांग की जा रही है। पंचायत के इन जनप्रतिनिधियों के संगठनों ने भी मानदेय के लिए धरना-प्रदर्शन तक किया। ऐेसे में सपा ने इस मुद्दे को गरमाना शुरू कर दिया है। विभिन्न स्थानों पर हो रही जनसभाओं में पूर्व में जारी किए गए मानदेय का बखान किया जा रहा है। वहीं, यह आश्वासन भी दिया जा रहा है कि सपा सरकार बनने पर जिन जनप्रतिनिधियों को मानदेय नहीं मिल रहा है, उन्हें दिलाया जाएगा।
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पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि मानदेय के इस मुद्दे के जरिए हर वर्ग के ग्राम पंचायत और वार्ड स्तरीय जनप्रतिनिधि को अपने खेमे में लामबंद किया जा सकता है। प्रदेश में ग्राम प्रधानों की संख्या 58189 है। जबकि बीडीसी 75852, जिला पंचायत सदस्य 3050 और सभासद 12007 हैं। ऐसे में सपा मानदेय के मुद्दे के जरिए इन लोगों को अपने पाले में करने की फिराक में है।


विधान परिषद में उठ चुका है मानदेय का मुद्दा
सपा के वरिष्ठ नेता व विधान परिषद सदस्य हीरालाल यादव ने पिछले दिनों नियम 110 के अंतर्गत मानदेय को मुद्दे को उठाते हुए चर्चा कराने की मांग की थी। उन्होंने मांग की कि बीडीसी करीब दो हजार और जिला पंचायत सदस्य करीब 50 हजार की आबादी पर चुना जाता है। यही स्थिति पार्षद, सभासद की भी है, लेकिन पार्षद, सभासद, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य को मानदेय नहीं दिया जा रहा है।

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