बड़ा फैसला: अमेठी-रायबरेली की सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ेगी सपा
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सपा अमेठी और रायबरेली संसदीय क्षेत्र की सभी 10 सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार हो गई है। शुक्रवार को प्रियंका वाड्रा के दखल के बाद सपा सुप्रीमो व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रुख में नरमी आई है।
सपा नेतृत्व अमेठी-रायबरेली की सीटों पर घोषित अपने उम्मीदवारों को समझा-बुझाकर पीछे हटने के लिए तैयार करने में जुटा है।
जानकारों की मानें तो जल्द सपा की ओर से अमेठी और रायबरेली संसदीय क्षेत्र की सीटें कांग्रेस को सौंपने का एलान किया जा सकता है।
गठबंधन को लेकर मतदाताओं में किसी तरह का नकारात्मक संदेश न जाए, इसके मद्देनजर सपा दोनों क्षेत्रों में अपनी सिटिंग सीटें भी कांग्रेस को देने के लिए राजी हुई है।
सपा और कांग्रेस के बीच चुनावी गठबंधन का एलान होने के बावजूद अमेठी और रायबरेली की 10 सीटों को लेकर गतिरोध बना था। कांग्रेस आलाकमान ने अमेठी और रायबरेली में अपनी सियासी पकड़ बनाए रखने के लिए समझौते में सभी 10 सीटों पर दावा किया था।
2012 में जीती थीं सात सीटें
2012 के विधानसभा चुनाव में सपा ने इनमें से सात सीटें जीती थीं। सपा किसी भी सूरत में अपनी सिटिंग सीटें छोड़ने को तैयार नहीं थी, जबकि कांग्रेस इन सीटों के लिए अड़ी थी। गतिरोध खत्म करने के लिए शुक्रवार को कांग्रेस ने एक बार फिर प्रियंका को आगे किया था।
भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार प्रियंका ने अपने दूत धीरज श्रीवास्तव को अखिलेश से बातचीत के लिए भेजा था। सूत्रों का कहना है कि शनिवार को धीरज की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अमेठी-रायबरेली की सीटों को लेकर गतिरोध खत्म हो गया है।
चूंकि रविवार को राहुल गांधी भी अखिलेश के साथ चुनावी अभियान शुरू करने के लिए लखनऊ आ रहे हैं, इसलिए गठबंधन में किसी तरह की खटास न होने का संदेश देने के लिए सपा नेतृत्व ने कांग्रेस की मांग मान ली है।
हालांकि कांग्रेस का कोई नेता आधिकारिक तौर पर इस बाबत बोलने को तैयार नहीं। एक वरिष्ठ नेता ने इतना जरूर कहा कि दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत चल रही है और जल्द ही स्थिति सामने आ जाएगी।
गायत्री और पांडेय का क्या होगा
अमेठी व रायबरेली की सिटिंग सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ना सपा के लिए कम मुश्किलें पैदा करने वाला फैसला नहीं है। सपा ने अमेठी से गायत्री प्रजापति, गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह व ऊंचाहार से मनोज पांडेय को उम्मीदवार घोषित कर रखा है।
अब अगर ये सीटें कांग्रेस को दी जाती हैं तो सपा में बगावत के सुर उभर सकते हैं। अमेठी से कांग्रेस के टिकट पर अमिता सिंह भाजपा उम्मीदवार गरिमा सिंह के खिलाफ ताल ठोंकने की तैयारी में हैं।
गौरीगंज, सरेनी, सलोन, ऊंचाहार, हरचंदपुर व बछरांवां से भी कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार तय कर रखे हैं। बस सपा की ओर से औपचारिक रूप से सीटें छोड़ने का एलान किए जाने का इंतजार भर है।