'माया-राज में यूपी में हर रोज हुआ तानाशाही का नंगानाच'
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समाजवादी पार्टी ने रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती के आरोपों पर तीखा पलटवार किया। प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ये आरोप झूठे, बेबुनियाद और हताशा से भरे हैं। सपा प्रवक्ता ने बसपा काल में तानाशाही का नंगा नाच होने के आरोप लगाए।
माया को आरोप लगाने से पहले अपने शासनकाल में हुए घपलों, घोटालों और जंगल राज को याद कर लेना चाहिए था। भ्रष्टाचार, हत्या, बलात्कार के मामलों में बसपा शासन के कई मंत्री जेल में हैं।
चौधरी ने कहा, सपा ने कभी परिवारवाद को बढ़ावा नहीं दिया। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव संघर्ष करके आगे बढ़े हैं। पार्टी के अन्य नेता भी संघर्ष करके ही आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, प्रदेश में यदि कानून-व्यवस्था ठीक नहीं होती तो यहां उद्योग लगाने के लिए उद्यमी क्यों प्रोत्साहित होते। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विदेश दौरे से पूंजी निवेश बढ़ा है।
माया के आवास पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता
चौधरी ने कहा कि मायाराज में तानाशाही का नंगा नाच होता था। मुख्यमंत्री आवास की सड़क पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता था।
बसपा प्रमुख के जन्मदिन की उगाही न देने पर बसपा विधायक ने इंजीनियर को पीट-पीटकर मार डाला था।
मायावती को बसपा विधायक द्वारा अंजाम दिए गए शीलू व सोनम कांड को याद करना चाहिए। बसपा शासन में कई स्थानों पर किसानों पर गोलियां चलाई गईं। इनमें छह किसानों की मौत हुई।
हताशा में लगा रहीं अनर्गल आरोप
सपा प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2012 के बाद से चुनावों में लगातार मिली असफलता और अपना जनाधार खिसकने केकारण बसपा प्रमुख हताशा में अनर्गल आरोप लगा रही हैं।