चुनावी वर्ष में अल्पसंख्यकों को सपा सरकार का खास तोहफा
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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यकों को रिझाने के लिए सपा सरकार उन्हें तोहफा देने जा रही है। सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2016-17 से शादी अनुदान योजना के तहत उनकी बेटियों के विवाह में 10 हजार के बजाय 30 हजार रुपये अनुदान देगी।
इसके लिए इस योजना का बजट 15 करोड़ से बढ़ाकर 82.45 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे 27 हजार से अधिक अल्पसंख्यक परिवारों को लाभ मिलेगा। वहीं, सूत्रों की मानें तो अगर इस योजना में और बजट की जरूरत हुई तो उसे भी सरकार मुहैया कराएगी।
‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना के बंद होने से अल्पसंख्यक वर्ग के परिवारों में खासी नाराजगी है। सरकार इस योजना के तहत उनके परिवार की 10वीं पास बेटियों को आगे की पढ़ाई या फिर शादी के लिए 30 हजार रुपये अनुदान देती थी, लेकिन लोकसभा चुनाव के समय अधिक से अधिक परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुदान राशि घटाकर 20 हजार कर दी। बाद में, राज्य सरकार ने इस योजना को ही बंद कर दिया।
पहले 10 हजार का था अनुदान, अब 30 हजार
गौरतलब है कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पहले से ही गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले अल्पसंख्यक परिवारों की बेटियों की शादी के लिए एक अनुदान योजना चल रही है। इसमें महज 10 हजार रुपये अनुदान का प्रावधान है। लिहाजा यह योजना अल्पसंख्यकों को लुभा नहीं पा रही है।
नतीजतन, सरकार ने ‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना के विकल्प के रूप में इसी योजना को अब नए सिरे से फिर शुरू करने का मन बनाया है। इसमें अनुदान राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की तैयारी है।
...ताकि अधिक से अधिक परिवारों को मिले लाभ
राज्य सरकार अनुदान देने के नियमों को संशोधित कर ज्यादा से ज्यादा अल्पसंख्यक परिवारों को इस योजना के दायरे में लाने जा रही है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में आज भी शहरी क्षेत्रों में 25540 रुपये से कम वार्षिक आय वाले बीपीएल परिवारों की श्रेणी में माने जाते हैं, जबकि गांव में 18884 रुपये तक की आय वाले ही इस श्रेणी में आते हैं।
सरकार इसमें संशोधन कर आय सीमा शहरी क्षेत्र में 56460 व ग्रामीण क्षेत्र में 46080 रुपये करने जा रही है।