राज्यपाल के पत्र पर सपा का दो टूक जवाब, पार्टी आजम के साथ
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विधानसभा में राज्यपाल राम नाईक को लेकर संसदीय कार्य मंत्री आजम खां की टिप्पणी पर राजभवन व सरकार फिर आमने-सामने हैं। शुक्रवार को राज्यपाल द्वारा आजम को संसदीय कार्य मंत्री के अयोग्य बताने के बाद शनिवार को सपा आजम के समर्थन में खुलकर सामने आ गई।
सपा ने राजभवन पर जवाबी हमला बोलते हुए आजम को संसदीय राजनीति का कुशल महारथी बता दिया। यही नहीं, सपा ने इशारे-इशारे में राज्यपाल पर चरित्र हनन की राजनीति करने तक का आरोप जड़ दिया।
मेयरों को हटाने संबंधी बिल रोकने पर 8 मार्च को विधानसभा में आजम खां द्वारा राज्यपाल पर की गई टिप्पणी को लेकर राजभवन व सरकार के बीच सियासी घमासान के आसार दिख रहे हैं।
आजम की योग्यता पर राज्यपाल के सवाल उठाने के बाद शनिवार को सपा के प्रदेश प्रवक्ता व मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा, आजम की प्रतिभा व योग्यता पर सवाल उठाना उचित नहीं।
उनके चरित्र हनन के पीछे वे ताकतें हैं जो सांप्रदायिकता के सहारे अपनी राजनीति की रोटियां सेंकती हैं। सपा प्रवक्ता ने राज्यपाल का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारे-इशारे में आजम पर निशाना साधने के लिए आड़े हाथ जरूर लिया।
विचारशून्यता व चरित्रहनन की हो रही है राजनीति
चौधरी ने कहा, राजनीति विचारधारा के आधार पर कुछ आदर्शों और मूल्यों के लिए होती है। इसमें नीतियों को लेकर आलोचना-प्रत्यालोचना की जाती है, लेकिन इधर विचारधाराशून्य और चरित्र हनन की राजनीति हो रही है।
जनता में सपा सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से बौखलाए कुछ तत्व एक न एक मंत्री को निशाना बनाकर अपनी घटिया मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले कुछ लोगों ने मंत्री गायत्री प्रजापति को लेकर अनर्गल बयानबाजी की। अब संसदीय कार्यमंत्री आजम खां को आलोचना का शिकार बनाया जा रहा है।
चौधरी ने कहा, आजम कई दशकों से राजनीति में हैं। छात्र जीवन से अब तक उनका जीवन संघर्षपूर्ण रहा है। उनकी देशव्यापी ख्याति है। आजम संसदीय राजनीति के कुशल महारथी, प्रखर वक्ता और विपक्ष की आलोचनाओं का तुर्की-ब-तुर्की जवाब देने वालों में हैं।
वह धर्मनिरपेक्षता के प्रबल पक्षधर हैं। नेताजी (मुलायम) के नेतृत्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जगजाहिर है। खां की बेबाकी के सभी कायल हैं। विधानसभा में उनके संसदीय कौशल की प्रशंसा विपक्ष के नेता भी करते हैं।
उनकी प्रतिभा और योग्यता पर सवाल उठाना किसी भी तरह उचित नहीं। आजम की जिदंगी खुली किताब है। सपा प्रवक्ता ने कहा, मुख्यमंत्री अखिलेश भी आजम खां पर भरोसा करते हैं। इलाहाबाद में महाकुंभ पर उनके प्रबंधन की प्रशंसा विदेश तक में हुई है। जनता झूठ को कभी प्रश्रय नहीं दे सकती।