यूपी कैबिनेट विस्तार से पहले लगेगी सपा-रालोद की दोस्ती पर मुहर!
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कैबिनेट में प्रस्तावित फेरबदल से पहले सपा और राष्ट्रीय लोकदल की दोस्ती पर मुहर लग सकती है। गठबंधन को लेकर दोनों दलों का रुख सकारात्मक है और इसका एलान एक सप्ताह के भीतर हो सकता है। दोस्ती परवान चढ़ी तो रालोद के दो विधायक मंत्री बन सकते हैं।
विधानसभा चुनाव-2017 के समीकरणों को साधने के लिए सपा और रालोद गठबंधन की राह पर बढ़ रहे हैं। चौधरी अजित सिंह और मुलायम सिंह यादव के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी है।
गठबंधन को लेकर उनके बीच प्रारंभिक वार्ता उत्साहजनक रही है। शिवपाल यादव तो कई बार अजित से मिल चुके हैं। अमर सिंह भी गठबंधन के लिए प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में हुए विधान परिषद और राज्यसभा चुनावों में रालोद ने सपा प्रत्याशियों का समर्थन करके दोस्ती का संकेत दे दिया है।
कैराना में हिंदुओं के पलायन को लेकर सांसद हुकुम सिंह द्वारा जारी सूची पर अजित और जयंत चौधरी का रुख भाजपा के प्रति सपा नेताओं से भी ज्यादा आक्रामक रहा है। इसे भावी राजनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
अजित सिंह के बेटे जयंत बन सकते हैं कैबिनेट मंत्री
ऐसी संभावना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कैबिनेट में प्रस्तावित फेरबदल से पहले ही सपा और रालोद के बीच गठबंधन पर सहमति बन जाएगी।
राजनीतिक हल्कों में चर्चा है कि सपा से गठबंधन की स्थिति में जयंत चौधरी किसी महत्वपूर्ण विभाग के कैबिनेट मंत्री बन सकते हैं लेकिन रालोद के सूत्र इससे इन्कार कर रहे हैं।
वे रालोद के दो विधायकों के मंत्री बनने की संभावना को नहीं नकार रहे हैं। हालांकि, रालोद के एक नेता का यहां तक दावा है कि सपा से गठबंधन के बावजूद रालोद सरकार में शामिल नहीं होगा।
दिल्ली में बुधवार को अजित सिंह की मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव से वार्ता होने की अटकलें थी लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। रालोद और सपा दोनों के प्रमुख नेता जल्द गठबंधन के एलान की संभावना जता रहे हैं।