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गरीबों के हक पर डाका: दरोगा के बेटे ने लखनऊ में खुलवाए 800 फर्जी बैंक खाते, छात्रवृत्ति घोटाले में मिले सबूत

Sun, 19 Feb 2023 08:16 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 19 Feb 2023 08:16 AM IST
सार

लखनऊ में छात्रवृति घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है।  प्रारंभिक जांच में हाईिजया और ओपी गुप्ता संस्थानों की बेनामी संपत्तियां होने के सुराग मिले हैं। संचालकों और करीबियों से पूछताछ के बाद मनी लांड्रिंग का केस दर्ज होगा। 

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son of inspector opened 800 fake bank accounts in Lucknow
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखनऊ में छात्रवृति घोटाले में फिनो बैंक में एजेंट दरोगा के पुत्र ने करीब 800 फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। लखनऊ में तैनात दरोगा के पुत्र अमित कुमार मौर्या ने खाते खुलवाने पर ज्यादा कमीशन मिलने के लालच में गरीबों की छात्रवृत्ति पर डाका डाल दिया। 
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वहीं लखनऊ केहाईिजया और फर्रुखाबाद के ओमप्रकाश गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के संचालकों ने कई अन्य राज्यों में घोटाले की रकम से बेशकीमती संपत्तियों को खरीदा। जिसमें से कई बेनामी होने के सुराग ईडी को मिले है।
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लखनऊ के एक कॉलेज संचालक ने गुवाहाटी में फॉर्मेसी कॉलेज बनाने के लिए करोड़ों रुपये की भूमि खरीदी है। उसकी तमाम संपत्तियां मुंबई, दिल्ली, नोएडा, बलरामपुर, बाराबंकी और उत्तराखंड में भी होने के प्रमाण मिले है। ईडी ने छापेमारी की जद में आए कॉलेज संचालकों को अगले हफ्ते से पूछताछ के लिए तलब किया है। 
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संचालकों को उनके परिजनों और करीबियों के बैंक खातों, बीते दस वर्षों के दौरान खरीदी गयी संपत्तियांे के दस्तावेज आदि केसाथ बुलाया गया है। संचालक, एजेंट्स आदि 110 लोगों को नोटिस भेजने की कवायद शनिवार को जारी थी।

खातों में घुमाते रहे रकम

छापेमारी में सामने आया है कि घोटाले की काली कमाई को जांच एजेंसियों की नजरों से बचाने के लिए कॉलेज संचालकों ने कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने परिजनों और करीबियों के बैंक खातों में नगदी जमा की और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करते रहे। बाद में उसे अपने खाते में वापस लेकर संपत्तियों में निवेश कर दिया।

निजी बैंकों के लिए खाते खोलता था फिनो

फिनो पेमेंट बैंक पहले फिनो पे-टेक लिमिटेड कंपनी थी। ये निजी बैंकों केलिए ग्रामीण इलाकों में खाते खोलने और अन्य बैंकिंग सुविधाएं दिलाने का काम करती थी। ग्रामीणों को घर पर ही पैसा जमा कराने और भुगतान पाने की सुविधा देती थी। इसे वर्ष 2006 में रिषी गुप्ता ने शुरू किया था। जून, 2017 में इसे पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस मिल गया। 

वर्तमान में फिनो बैंक बचत खाता, चालू खाता, आरडी और एफडी जैसी कई सुविधाएं देता है। इसके एजेंट्स की ग्रामीण इलाकों में अच्छी पकड़ है। छात्रवृत्ति घोटाले में एजेंट्स ने ग्रामीण इलाकों को लेकर केवाईसी के नियमों में बरती जाने वाली शिथिलता का जमकर फायदा उठाया।
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