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रायबरेलीः पिता को मुखाग्नि देते समय बेटे को लगा सदमा, मौत
Tue, 29 Jan 2019 11:59 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 29 Jan 2019 11:59 AM IST
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रायबरेली थाना क्षेत्र में गोकना गंगा तट पर सोमवार को पिता को मुखाग्नि देते समय अचानक सदमा लगने से बेटे की मौत हो गई। एक ओर पिता की चिता जल रही थी तो दूसरी ओर पुत्र का शव चिता के पास ही पड़ा हुआ था, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
जानकारी होने पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पूरन शाहपुर निवासी रामप्रसाद (80) कई दिनों से बीमार चल रहे थे। रविवार की सुबह उनकी मौत हो गई। उनके चार बेटे हैं, जिनमें श्यामलाल, देशराज और रामनरेश तो गांव में हैं।
दूसरे नंबर का बेटा राजदेव मुंबई में रहता है। पिता की मौत की सूचना मिलते ही राजदेव मुंबई से ऊंचाहार आया। सोमवार को पिता के शव को उसने कंधा दिया। शव को अंतिम संस्कार के लिए गोकना गंगा तट पर ले जाया गया, जहां पर राजदेव ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
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जानकारी होने पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पूरन शाहपुर निवासी रामप्रसाद (80) कई दिनों से बीमार चल रहे थे। रविवार की सुबह उनकी मौत हो गई। उनके चार बेटे हैं, जिनमें श्यामलाल, देशराज और रामनरेश तो गांव में हैं।
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दूसरे नंबर का बेटा राजदेव मुंबई में रहता है। पिता की मौत की सूचना मिलते ही राजदेव मुंबई से ऊंचाहार आया। सोमवार को पिता के शव को उसने कंधा दिया। शव को अंतिम संस्कार के लिए गोकना गंगा तट पर ले जाया गया, जहां पर राजदेव ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
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अचानक बेहोश हो गया राजदेव
लेकिन जैसे ही चिता जलने लगी, राजदेव चिता के पास ही चुपचाप बैठ गया और देखते ही देखते वह अचानक बेहोश हो गया। लोगों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। इसके बाद वहां अजीब मंजर पैदा हो गया।
एक ओर पिता की चिता जल रही थी तो दूसरी ओर पास ही पुत्र का शव पड़ा था। ये देख आसपास खड़े लोग भी रो पड़े।
एक ओर पिता की चिता जल रही थी तो दूसरी ओर पास ही पुत्र का शव पड़ा था। ये देख आसपास खड़े लोग भी रो पड़े।