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एसआई परीक्षा के दौरान पकड़ा गया सॉल्वर
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक की ऑनलाइन परीक्षा में सॉल्वर गिरोह सक्रिय है। गुडंबा के शक्ति इंफोसॉल्यूशन परीक्षा केंद्र पर दूसरे की जगह परीक्षा देने आए एक सॉल्वर को पुलिस ने बृहस्पतिवार को दबोच लिया। आरोपी मथुरा के एक छात्र की जगह परीक्षा में शामिल हुआ था। पकड़ा गया आरोपी मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला है। वहीं परीक्षा की शुरूआत होते ही जानकीपुरम इलाके से चार परीक्षार्थियों को नकल करते दबोचा गया।
प्रभारी निरीक्षक गुडंबा मो. अशरफ के मुताबिक, पुलिस की उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के अंतर्गत शक्ति इंफोसॉल्यूशन को केेंद्र बनाया गया था। बृहस्पतिवार को व्यवस्थापक ने सूचना दी कि परीक्षार्थी धर्मेंद्र की जगह कोई दूसरा परीक्षा देने आया है। उसके प्रवेश पत्र पर लगी फोटो संदिग्ध है। पड़ताल की गई तो संदेह सही साबित हुआ। जांच में सामने आया कि मथुरा केनागला सैदा निवासी धर्मेंद्र सिंह के स्थान पर परीक्षा देने के लिए राजस्थान का अशोक कुमार परीक्षा देने आया था। पुलिस के मुताबिक, अशोक राजस्थान के भरतपुर स्थित बहताना का रहने वाला है। पुलिस सॉल्वर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी की जा रही है।
फोटो बदलकर शामिल हुआ परीक्षा में
पुलिस के मुताबिक, सॉल्वर अशोक ने खुद को असली धर्मेंद्र साबित करने के लिए परिवारीजनों तक से मोबाइल पर बात करा दी। यही नहीं, उसने खुद के धर्मेंद्र होने का लिखित शपथ पत्र तक दे दिया। धर्मेंद्र और अशोक की फोटो इतनी मिलती थी कि पुलिस भी एक बार उसकी बातों में आ गई। लेकिन वह पुलिस के कई सवालों का जवाब नहीं दे पाया तो पुलिस को संदेह हुआ। परीक्षार्थी के विषय में गहनता से जानकारी जुटाने पर उसके सॉल्वर गैंग से जुड़े होने का खुलासा हुआ। पुलिस को अशोक ने बताया कि वह भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है।
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अपने घर पर नहीं मिला धर्मेंद्र
गुडंबा पुलिस द्वारा सॉल्वर अशोक को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ की गई। अशोक की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही धर्मेंद्र अपने घर से फरार हो गया। गुडंबा पुलिस ने धर्मेंद्र की पहचान कराने के लिए मथुरा में स्थानीय पुलिस को उसके घर भेजा था लेकिन वह घर पर नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार, धर्मेद्र भी सॉल्वर के साथ ही लखनऊ आया है। पुलिस सर्विलांस की मदद से उसकी तलाश कर रही है।
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प्रभारी निरीक्षक गुडंबा मो. अशरफ के मुताबिक, पुलिस की उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के अंतर्गत शक्ति इंफोसॉल्यूशन को केेंद्र बनाया गया था। बृहस्पतिवार को व्यवस्थापक ने सूचना दी कि परीक्षार्थी धर्मेंद्र की जगह कोई दूसरा परीक्षा देने आया है। उसके प्रवेश पत्र पर लगी फोटो संदिग्ध है। पड़ताल की गई तो संदेह सही साबित हुआ। जांच में सामने आया कि मथुरा केनागला सैदा निवासी धर्मेंद्र सिंह के स्थान पर परीक्षा देने के लिए राजस्थान का अशोक कुमार परीक्षा देने आया था। पुलिस के मुताबिक, अशोक राजस्थान के भरतपुर स्थित बहताना का रहने वाला है। पुलिस सॉल्वर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी की जा रही है।
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फोटो बदलकर शामिल हुआ परीक्षा में
पुलिस के मुताबिक, सॉल्वर अशोक ने खुद को असली धर्मेंद्र साबित करने के लिए परिवारीजनों तक से मोबाइल पर बात करा दी। यही नहीं, उसने खुद के धर्मेंद्र होने का लिखित शपथ पत्र तक दे दिया। धर्मेंद्र और अशोक की फोटो इतनी मिलती थी कि पुलिस भी एक बार उसकी बातों में आ गई। लेकिन वह पुलिस के कई सवालों का जवाब नहीं दे पाया तो पुलिस को संदेह हुआ। परीक्षार्थी के विषय में गहनता से जानकारी जुटाने पर उसके सॉल्वर गैंग से जुड़े होने का खुलासा हुआ। पुलिस को अशोक ने बताया कि वह भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है।
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अपने घर पर नहीं मिला धर्मेंद्र
गुडंबा पुलिस द्वारा सॉल्वर अशोक को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ की गई। अशोक की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही धर्मेंद्र अपने घर से फरार हो गया। गुडंबा पुलिस ने धर्मेंद्र की पहचान कराने के लिए मथुरा में स्थानीय पुलिस को उसके घर भेजा था लेकिन वह घर पर नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार, धर्मेद्र भी सॉल्वर के साथ ही लखनऊ आया है। पुलिस सर्विलांस की मदद से उसकी तलाश कर रही है।