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आवास विभाग लाएगी फ्रीहोल्ड नीति, साॅफ्टवेयर ठीक करेगा पावर कॉर्पोरेशन, आईआईडीसी ने दिए निर्देश
Fri, 11 Sep 2020 03:36 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 11 Sep 2020 03:36 PM IST
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आवास विभाग आने वाले दिनों में फ्रीहोल्ड नीति लाएगा और पावर कॉर्पोरेशन उद्योगों की अधिक बिल की समस्या का समाधान करेगा। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) आलोक टंडन की अध्यक्षता में गुरुवार को संपन्न इन्वेस्ट यूपी की पहली बैठक में ये महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
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लोकभवन में वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस बैठक में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की ओर से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट/लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित औद्योगिक भूखंडों के फ्रीहोल्ड का मामला उठाया गया। अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा आवंटित भूखंडों के समाप्त पट्टे की भूमि को फ्रीहोल्ड करने के लिए आवास विभाग को नीति का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।
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वहीं, आईआईडीसी टंडन ने पावर कॉर्पोरेशन को निर्देशित किया कि नीलामी में खरीदी गई रुग्ण इकाइयों का विद्युत बकाया पुरानी इकाई से ही वसूला जाए न कि खरीददार से। मासिक विद्युत बिल अधिक आने के प्रकरण में पावर कॉर्पोरेशन की ओर से बताया गया कि बिलिंग सॉफ्टवेयर में कुछ बदलाव कर उद्योगों की कुछ श्रेणियों की इस समस्या का तकनीकी समाधान अक्तूबर तक कर दिया जाएगा।
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आईआईडीसी ने कहा कि औद्यागिक विकास सरकार की उच्चतम प्राथमिकताओं में है। पूर्व के उद्योग बंधु की तरह इंवेस्ट यूपी इसी तरह का संवाद आगे भी जारी रखेगा। बैठक में 25 उद्योगपतियों व औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
छह मामलों पर अलग से विचार-विमर्श
इसमें 21 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं, राजस्व विभाग के भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित छह मामलों पर अलग से विचार-विमर्श हुआ। उद्योगों के लिए भूमि विनिमय, भू-उपयोग परिवर्तन, चकरोड, नाली आदि से संबंधित इन मामलों का समाधान कर सक्षम स्तर पर मंजूरी के लिए भेजा गया।
बैठक में अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, सीईओ इन्वेस्ट यूपी नीना शर्मा, सीईओ यूपीसीडा मयूर माहेश्वरी व औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, सीईओ इन्वेस्ट यूपी नीना शर्मा, सीईओ यूपीसीडा मयूर माहेश्वरी व औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।