नक्सलियों से लड़ते हुए सुकमा में शहीद हो गया अमेठी का लाल, सरकार ने की 25 लाख मुआवजे की घोषणा
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छत्तीसगढ़ के सुकमा में शुक्रवार रात नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में अमेठी के सपूत अनिल कुमार मौर्य शहीद हो गए। शहादत की सूचना मिलते ही परिवार और गांव में कोहराम मच गया। सैकड़ों लोगों ने घर पहुंचकर परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवेदना व्यक्त करते हुए शहीद के परिवारीजनों को 25 लाख रुपये मदद दिए जाने की घोषणा की है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव पूरे खोझवा मजरे नरैनी निवासी अनिल कुमार कुमार मौर्य (50) पुत्र राम पियारे मौर्य छत्तीसगढ़ प्रांत के सुकमा में सीआरपीएफ 212 बटालियन के यूनिट सात में एएसआई के पद पर तैनात थे। शुक्रवार रात सर्च ऑपरेशन के दौरान घात लगाए बैठे नक्सलियों ने इनकी टुकड़ी पर हमला कर दिया। करीब एक घंटे तक नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ चली।
मुठभेड़ में चार जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए और एएसआई अनिल की गोली लगने से मौत हो गई। शनिवार सुबह उनकी शहादत की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। राम पियारे मौर्य के घर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। डीएम शुकंतला गौतम, एसपी कुंतल किशोर, एसडीएम शैलेंद्र मिश्र सहित कई अधिकारी पहुंचे और शहीद के परिवारीजनों को ढांढस बधाया। कई जनप्रतिनिधि भी गांव पहुंचे।
वर्ष 1985 में भर्ती हुए थे अनिल
प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में अमेठी में अर्धसैनिक बल की खुली भर्ती हुई थी। उसी में अनिल मौर्य का चयन हुआ था। इनकी नियुक्ति 30 सितंबर 1985 को सैनिक के पद पर हुई थी।
डीएम को देखते ही फफक पड़ीं शहीद की पत्नी
शहीद के घर पहुंची जिलाधिकारी शकुंतला गौतम ने बाहर चारपाई पर लेटी शहीद अनिल की बीमार मां श्यामलली से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उसके बाद डीएम घर के अंदर जैसे ही शहीद की पत्नी प्रभावती के पास पहुंची वे फफक पड़ीं। शहीद की पत्नी की दहाड़ को देख डीएम भी अपने आंसू नहीं रोक सकीं। डीएम ने समझाकर शहीद की पत्नी को शांत कराया।
आज पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
शहीद अनिल का अंतिम संस्कार रविवार सुबह गांव में राजकीय सम्मान के साथ होगा। डीएम के निर्देश पर उपजिलाधिकारी शैलेंद्र मिश्र ने राजस्व टीम के साथ भूमि चिह्नित कर इसकी व्यवस्था बनाई।