{"_id":"5a939f954f1c1b5e028b753f","slug":"solar-power-park-will-be-established-in-purvanchal-and-bundelkhand","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बुंदेलखंड और पूर्वांचल में अब नहीं होगी बिजली की दिक्कत, ऐसे रोशन होंगे ये क्षेत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुंदेलखंड और पूर्वांचल में अब नहीं होगी बिजली की दिक्कत, ऐसे रोशन होंगे ये क्षेत्र
सचिन मुद्गल, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:21 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजादी के सात दशक बाद भी विकास के लिए उम्मीद की किरण तलाश रहे बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्र अब न केवल खुद रोशनी से जगमगाएंगे, बल्कि प्रदेश में बिजली आपूर्ति की समस्या का भी समाधान करेंगे। इसके लिए पूर्वांचल और बुंदेलखंड में करीब 25000 करोड़ की लागत से एक दर्जन से अधिक सोलर पार्क स्थापित होंगे।
प्रदेश को प्रतिदिन करीब 20,000 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है। सरकार ने बिजली आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा को बड़े विकल्प के रूप में चुना है। सौर ऊर्जा नीति 2017 के तहत सोलर पावर प्लांट, रूफटॉप पावर प्रोजेक्ट और बायोमास गैस से बिजली बनाने पर जमीन, ऋण, जीएसटी में छूट सहित अन्य रियायतें देने का प्रावधान है।
21-22 फरवरी को आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में करीब 65,000 करोड़ के 46 एमओयू साइन किए गए हैं। सरकार ने पांच साल में सौर ऊर्जा से 10700 मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य रखा है। वहीं, समिट में कंपनियों ने करीब 14,000 मेगावाट बिजली बनाने के लिए एमओयू किया है। इससे करीब 75000 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
विज्ञापन
समिट में दो दर्जन से अधिक कंपनियों ने सोलर पावर पार्क लगाने के लिए एमओयू किए हैं। इनमें से आधे से अधिक पूर्वांचल और बुंदेलखंड में लगाए जाएंगे। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में पर्याप्त जमीन उपलब्ध होने के कारण कंपनियों ने इन दोनों क्षेत्रों को चुना है।
विज्ञापन
प्रदेश को प्रतिदिन करीब 20,000 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है। सरकार ने बिजली आपूर्ति के लिए सौर ऊर्जा को बड़े विकल्प के रूप में चुना है। सौर ऊर्जा नीति 2017 के तहत सोलर पावर प्लांट, रूफटॉप पावर प्रोजेक्ट और बायोमास गैस से बिजली बनाने पर जमीन, ऋण, जीएसटी में छूट सहित अन्य रियायतें देने का प्रावधान है।
विज्ञापन
21-22 फरवरी को आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में करीब 65,000 करोड़ के 46 एमओयू साइन किए गए हैं। सरकार ने पांच साल में सौर ऊर्जा से 10700 मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य रखा है। वहीं, समिट में कंपनियों ने करीब 14,000 मेगावाट बिजली बनाने के लिए एमओयू किया है। इससे करीब 75000 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
विज्ञापन
समिट में दो दर्जन से अधिक कंपनियों ने सोलर पावर पार्क लगाने के लिए एमओयू किए हैं। इनमें से आधे से अधिक पूर्वांचल और बुंदेलखंड में लगाए जाएंगे। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में पर्याप्त जमीन उपलब्ध होने के कारण कंपनियों ने इन दोनों क्षेत्रों को चुना है।
ये हैं प्रमुख निवेशक
कंपनी क्षेत्र निवेश (रुपये) मेगावाट बिजली
अवध पावर प्रा. लिमिटेड बुंदेलखंड, पूर्वांचल 8450 करोड़ 1000
रिन्यू पावर वेंचर्स प्रा. लि. बुंदेलखंड, पूर्वांचल 8000 करोड़ 1000
अजुरे पावर इंडिया लि. बुंदेलखंड, पूर्वांचल 6000 करोड़ 800
नार्डिक एनर्जी बुंदेलखंड 2625 करोड़ 800
अदा पावर एंड इंफ्रा बुंदेलखंड, फर्रुखाबाद 2500 करोड़ 100
ग्रीन इंटरनेशनल एनर्जी ग्रुप बुंदेलखंड, गोरखपुर 2500 करोड़ 100
सरन इंटरनेशनल ग्रुप बुंदेलखंड, पूर्वांचल 2500 करोड़ 100
एमप्लस एनर्जी सॉल्यूशन बुंदेलखंड 2000 करोड़ 500
सन सोर्स एनर्जी बुंदेलखंड 900 करोड़ 500
समय पर पूरे कराएंगे काम
अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब सौर ऊर्जा वैकल्पिक नहीं, बल्कि मुख्य ऊर्जा होगी। बुंदेलखंड और पूर्वांचल में सर्वाधिक सोलर पार्क स्थापित होंगे। ऊर्जा के क्षेत्र में हुए एमओयू को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। मैं खुद इसकी नियमित मॉनिटरिंग करूंगा।
अवध पावर प्रा. लिमिटेड बुंदेलखंड, पूर्वांचल 8450 करोड़ 1000
रिन्यू पावर वेंचर्स प्रा. लि. बुंदेलखंड, पूर्वांचल 8000 करोड़ 1000
अजुरे पावर इंडिया लि. बुंदेलखंड, पूर्वांचल 6000 करोड़ 800
नार्डिक एनर्जी बुंदेलखंड 2625 करोड़ 800
अदा पावर एंड इंफ्रा बुंदेलखंड, फर्रुखाबाद 2500 करोड़ 100
ग्रीन इंटरनेशनल एनर्जी ग्रुप बुंदेलखंड, गोरखपुर 2500 करोड़ 100
सरन इंटरनेशनल ग्रुप बुंदेलखंड, पूर्वांचल 2500 करोड़ 100
एमप्लस एनर्जी सॉल्यूशन बुंदेलखंड 2000 करोड़ 500
सन सोर्स एनर्जी बुंदेलखंड 900 करोड़ 500
समय पर पूरे कराएंगे काम
अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब सौर ऊर्जा वैकल्पिक नहीं, बल्कि मुख्य ऊर्जा होगी। बुंदेलखंड और पूर्वांचल में सर्वाधिक सोलर पार्क स्थापित होंगे। ऊर्जा के क्षेत्र में हुए एमओयू को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। मैं खुद इसकी नियमित मॉनिटरिंग करूंगा।