फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Social media regulation policy for police department in up

योगी सरकार का एक और एक्शन: पुलिसवाले नहीं कर सकेंंगे सोशल मीडिया पर 'शो ऑफ'

Thu, 30 Mar 2017 02:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Updated Thu, 30 Mar 2017 02:17 PM IST
विज्ञापन
Social media regulation policy for police department in up
डेमो पिक
सोशल मीडिया पर पब्लिक पर लगाम लगाने से पहले पुलिस ने अपने विभाग से इसकी शुरुआत की है। पुलिस अधिकारियों और कर्मियों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर डीजीपी जावीद अहमद ने सोशल मीडिया पॉलिसी लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सोशल मीडिया पर राजनीतिक कटाक्ष और कमेंट नहीं करेंगे। 
विज्ञापन


डीजीपी की ओर से पुलिस कर्मियों को हिदायत दी गई है कि वे सोशल मीडिया के जरिये किसी भी राजनीतिक दल, राजनीतिक व्यक्ति या राजनीतिक विचारधारा के संबंध में कोई टिप्पणी न करें। निजता एवं सुरक्षा के कारणों से पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को यह सचेत किया जाता है कि वह सोशल मीडिया पर अपनी अथवा किसी अन्य पुलिस अधिकारी की नियुक्ति का उल्लेख न करें। अभिसूचना संकलन या किसी गुप्त आपरेशन में शामिल पुलिस कर्मियों को इसपर सख्ती से पालन करना होगा।  
विज्ञापन


डीजीपी ने बिंदुवार निर्देश में कहा है कि यूपी पुलिस का हर अधिकारी व कर्मचारी एक सामान्य नागरिक के रूप में सोशल मीडिया के प्रयोग और उस पर अभिव्यक्ति के लिए उस हद तक स्वतंत्र है, जहां तक उसके द्वारा उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का किसी तरह उल्लंघन न हो। पुलिस कर्मी अगर एक सामान्य नागरिक के रूप में सोशल मीडिया पर कोई कमेंट या पोस्ट कर रहा है तो उसे यह यह स्पष्ट करना होगा कि उक्त विचार उनके निजी विचार हैं एवं इससे विभाग का कोई सरोकार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

हथियारों का प्रदर्शन भी नहीं कर सकेंगे पुलिस कर्मी

Social media regulation policy for police department in up
डेमो पिक - फोटो : AFP
डीजीपी ने कहा है कि पुलिस कर्मी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पुलिस विभाग के लोगो, वर्दी, हथियार या हथियार प्रदर्शित करती हुई तस्वीर पोस्ट नहीं करेंगे। यदि अपनी फोटोग्राफ  यूनिफार्म में डाल रहे हैं, तो यह ध्यान रखें कि वर्दी दुरुस्त है। अश्लील भाषा का प्रयोग और अश्लील फोटो किसी भी हाल में सोशल मीडिया पर नहीं डाल सकेंगे। उन्होंने कहा है कि घटनाओं की जांच, विवेचनाधीन या न्यायालय में लंबित मामलों से संबंधित कोई गोपनीय जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं की जाएगी।

सोशल मीडिया पोस्ट में किसी जाति, धर्म, वर्ग, संप्रदाय, व्यवसाय, लिंग, क्षेत्र, राज्य के संबंध में पूर्वाग्रह या दुराग्रह से ग्रसित कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी। किसी बलात्कार पीड़िता या किशोर की पहचान या नाम सोशल मीडिया पर उजागर नहीं किया जाएगा। जिन आरोपियों की शिनाख्त परेड बाकी हो, उनका चेहरा सोशल मीडिया पर सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

अपने साथियों या वरिष्ठ के खिलाफ भी नहीं कर सकते आपत्तिजनक टिप्पणी
डीजीपी ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया पर पुलिस कर्मी, पुलिस विभाग, किसी वरिष्ठ अधिकारी या अपने सहकर्मी के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेंगे, जिससे पुलिस विभाग को शर्मसार होना पड़े। साथ ही सरकार या उसकी नीतियों, कार्यक्रमों या किसी राजनेता के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं कर सकेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रकरणों में सोशल मीडिया पर कोई टिप्पणी नहीं की जायेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed