अमेठी का पिंडारा ठाकुर गांव हुआ डिजिटल, स्मृति ईरानी ने की कॉमन सर्विस सेंटर की शुरुआत
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अमेठी जिले के मुसाफिरखाना ब्लॉक का पिंडारा ठाकुर गांव शनिवार को डिजिटल हो गया। केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को कॉमन सर्विस सेंटर का शुभारंभ किया। स्मृति ने कहा कि प्रदेश के पहले डिजिटल गांव में ग्रामीणों को एक स्थान पर केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से संचालित 206 सेवाओं का लाभ मिलेगा।
केंद्रीय विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पिछले दिनों पूरे देश में एक साथ डिजिटल इंडिया प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की थी। केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी की पहल पर योजना के पहले ही चरण में पिंडारा ठाकुर गांव का चयन हुआ।
इसके बाद यहां पहले से संचालित कॉमन सर्विस सेंटर को विकसित (सीएससी) किया गया। शनिवार को करीब 11 बजे गांव पहुंचीं स्मृति ईरानी ने डीएम शकुंतला गौतम व ई-गवर्नेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड के सीईओ दिनेश त्यागी की मौजूदगी में कॉमन सर्विस सेंटर व वाई-फाई चौपाल का उद्घाटन किया। बाद में उन्होंने सर्वोदय इंटर कॉलेज में आयोजित सभा को संबोधित किया।
स्मृति ने कहा कि चुनाव हारने के बावजूद न सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें मंत्री बनाया बल्कि अमेठी में विकास की अमृत वर्षा भी की। स्मृति ने कहा कि जिस अमेठी के सांसद विदेश के उद्योगपतियों को बुलाकर यहां की गरीबी दिखाते थे, हमारी सरकार ने उसे समृद्ध बनाने का काम किया है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में डिजिटल क्रांति आई है जिसका लाभ जनता को मिलने लगा है। स्मृति ने 15 सितंबर तक अमेठी के सभी गांवों में कॉमन सर्विस सेंटर व साल के अंत तक सभी गांवों को वाई-फाई चौपाल से लैस करने की घोषणा भी की।
अमेठी मेरा धाम, यहां के लोग भगवान
अमेठी सांसद राहुल गांधी पर कटाक्ष का मौका मिले और स्मृति चूक जाएं, शायद यह संभव नहीं। शनिवार को भी स्मृति ने एक मीडिया कर्मी के सवाल के जवाब में कहा कि पिछले साढ़े चार सालों से अमेठी ही मेरा धाम है और अमेठी ही मेरा मंदिर। यहां की जनता ही मेरे लिए भगवान है। मेरे लिए अमेठी ही सबसे बड़ा तीर्थ है। गौरतलब होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों कैलाश मानसरोवर यात्रा पर हैं। मीडिया कर्मी का सवाल भी इसी से जुड़ा था जिस पर स्मृति ने कटाक्ष किया।
पढ़कर नहीं समझी जा सकती गरीबी
स्मृति ने मंच पर मौजूद राज्यमंत्री सुरेश पासी व पूर्व विधायक दादा तेजभान सिंह का उल्लेख किया। कहा कि दो अलग-अलग पीढ़ियों के यह नेता साधारण पृष्ठभूमि के हैं। बावजूद इसके इन्होंने लोगों के लिए असाधारण काम किए। स्मृति ने कहा कि गरीबी को पढ़कर नहीं समझा जा सकता। उनके बीच रहकर महसूस किया जा सकता है।
पिंडारा की बेटियों पर चर्चा
स्मृति ने कहा कि आज जब मैं कॉमन सर्विस सेंटर पहुंची तो पिंडारा की बेटियां कानों में हेडफोन लगाकर कंप्यूटर चलाती मिलीं। मुझे यह जानकर खुशी हुई बेटियां यहां बैठे-बैठे मरीजों की डॉक्टर से बात कराने के अलावा उनकी दवाएं तक मंगवाती हैं। दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने के लोगों की बात करवाती हैं।
अमेठी के प्रत्येक परिवार तक डिजिटल लिपि
केंद्रीय मंत्री ने कहा डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत अमेठी के प्रत्येक परिवार के कम से कम एक सदस्य को डिजिटल लिपि से लैस किया जाएगा। साथ ही सभी ब्लॉकों में न्यूनतम 100 बालिकाओं को मुफ्त में सेनेट्री नैपकिन दी जाएगी।
ग्रामीणों को मिलेगा इन सेवाओं का लाभ
गांव के डिजिटल होने से यहां के लोगों को प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान, स्किल डेवलपमेंट, बैंकिंग सेवा, इंश्योरेंश सेवा, बिजली का बिल, पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, कॉल सेंटर समेत 206 प्रकार की सेवाओं का लाभ मिलेगा।
न्यूनतम शुल्क पर वाई-फाई सुविधा
पिंडारा ठाकुर समेत जिन 35 गांव के लोगों को वाई-फाई चौपाल से जोड़ा गया है। उन्हें योजना के प्रारंभ में 15 दिन तक निशुल्क वाई-फाई के तहत टू-जीबी डाटा यूज करने की सुविधा मिलेगी। बाद में अन्य कंपनियों से कम दर पर यह सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुआवजा न मिलने की शिकायत
मुसाफिरखाना गुरुद्वारा कमेटी के संयोजक सिमरनजीत सिंह ने स्मृति को शिकायती पत्र देकर 1984 के दंगा पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की। स्मृति ने कहा कि वे इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करेंगी।