बिजली उपभोक्ताओं के यहां लगेंगे उच्च तकनीक के स्मार्ट मीटर, 2जी व 3जी तकनीक पर उठे सवाल
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प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के यहां अब पुरानी तकनीक के 2जी व 3जी के बजाय अत्याधुनिक तकनीक के 4जी या उसके समकक्ष तकनीक के स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। पुरानी तकनीक के स्मार्ट मीटरों को लेकर खड़े हुए विवाद के बाद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने भारत सरकार के उपक्रम एनर्जी एफिसिएंशी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) को उच्च तकनीक के स्मार्ट मीटर लगाने के लिए पत्र भेजा है।
प्रदेश में लगभग 1927 करोड़ रुपये की लागत से करीब 40 लाख स्मार्ट मीटर खरीदे गए हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इनकी पुरानी 2जी व 3जी तकनीक को लेकर सवाल उठाए थे। परिषद का कहना था कि पुरानी तकनीक के बजाय 4जी तकनीक अथवा उसके समकक्ष संचार तकनीक पर आधारित स्मार्ट मीटर लगाए जाएं क्योंकि भविष्य में 2जी और 3जी स्मार्ट मीटर प्रचलन से बाहर हो जाएंगे।
उपभोक्ता परिषद द्वारा इस मुद्दे को लेकर दाखिल जनहित प्रत्यावेदन पर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने भी पावर कॉर्पोरेशन के एमडी से रिपोर्ट तलब की थी। इसी बीच उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने पूरे मामले की शिकायत ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से भी की थी।
मशीन से मशीन के बीच डेटा ट्रांसफर की उच्च तकनीक
उपभोक्ता परिषद की आपत्तियों पर गहन विचार-विमर्श के बाद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने तय किया है कि अब भविष्य में एनबीआईओटी संचार तकनीक के स्मार्ट मीटर ही लगाए जाएंगे। यह मशीन से मशीन के बीच डाटा कम्युनिकेशन की सबसे उच्च तकनीक है।
पावर कॉर्पोरेशन निदेशक (वाणिज्य) एके श्रीवास्तव की तरफ से ईईएसएल के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर भविष्य में 2जी व 3जी तकनीक आधारित स्मार्ट मीटर की जगह नई तकनीक उपलब्ध होते ही उच्च तकनीक के स्मार्ट मीटर ही लगाने को कहा है।
दूसरी तरफ उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि प्रदेश में अब तक पुरानी तकनीक के लगभग आठ लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। पावर कॉर्पोरेशन को ईईएसएल को यह भी लिखकर सूचित करना चाहिए कि भविष्य में इन मीटरों में कोई तकनीकी खामी आती है तो उसे भी ईईएसएल को निशुल्क बदलकर उच्च तकनीक का स्मार्ट मीटर लगाना होगा।