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Smart City Yojna: स्मार्ट सिटी योजना के फिर आने की उम्मीद, इस बार पूरा शहर आ सकता है दायरे में
Thu, 27 Jun 2024 01:57 PM IST
ishwar ashish
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 27 Jun 2024 01:57 PM IST
सार
वर्ष 2014 में जोरशोर से शुरू हुई केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना चार दिन बाद समाप्त हो जाएगी। इस बार इस योजना के दायरे में पूरा शहर आएगा।
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पीएम नरेंद्र मोदी।
- फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
वर्ष 2014 में शुरू केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना चार दिन बाद समाप्त हो जाएगी। हालांकि, इससे पहले ही इसे फिर से लॉन्च करने की तैयारी है। राजधानी में इस बार पूरा शहर इसके दायरे में आने की उम्मीद है। योजना को लेकर बृहस्पतिवार को दिल्ली में बुलाई गई विशेष बैठक में शामिल होने के लिए स्मार्ट सिटी के अफसर भी गए हैं।
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योजना के तहत 100 शहरों को अपने इलाकों को चुनकर उन्हें पानी, सफाई, सीवर, बिजली, परिवहन सहित सभी सुविधाओं के लिहाज से मॉडल बनाना था। राजधानी में 813 एकड़ क्षेत्रफल में योजना लागू की गई, जिसे एबीडी (एरिया बेस्ड डवलपमेंट) क्षेत्र कहते हैं। इसमें कैसरबाग, हुसैनगंज के बाईं ओर का क्षेत्र, शिवाजी मार्ग, लाटूश रोड, बर्लिंग्टन चौराहे से बाईं ओर कैंट रोड, बीएन रोड, लालबाग, नॉवेल्टी, भोपाल हाउस, हलवासिया, परिवर्तन चौक, हाईकोर्ट, डीएम कार्यालय, राजस्व परिषद, रेजीडेंसी चौराहा और उससे बाएं रीवर बैंक कॉलोनी व उसके पास का इलाका आता है।
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इन क्षेत्रों में ही योजना के तहत काम कराए गए। ऐेसे में अन्य इलाकों को भी योजना में शामिल करने की लगातार मांग उठी। पूर्व शहरी विकास मंत्री कौशल किशोर ने भी दो साल पहले मांग को उठाया और कहा था कि वे इसके लिए प्रयास करेंगे। शहरवासी व पार्षद पूरे शहर तक योजना का दायरा करने की मांग करते रहे हैं।
योजना शुरू होने के दो साल बाद चुना गया था लखनऊ
अमृत मिशन योजना वर्ष 2014 में लॉन्च हुई थी। लखनऊ वर्ष 2016 में फास्ट ट्रैक राउंड में चुना गया। यहां के लिए करीब 2100 करोड़ की योजनाएं बनीं। इनमें से ज्यादातर अमृत मिशन व अन्य योजनाओं से मिलने वाले बजट से पूरी की जानी थी। इसके अलावा 850 करोड़ की योजनाओं का काम केंद्र और राज्य सरकार से योजना को लेकर मिलने वाले बजट से हुआ।
दो बार बढ़ाया जा चुका है योजना का समय
स्मार्ट सिटी योजना का समय मार्च 2022 में पूरा हो गया। इसके बाद जून 2023 तक का वक्त काम पूरा करने के लिए इस शर्त के साथ दिया गया कि जो खर्च आएगा शहर उसे खुद उठाएंगे। जून 2023 तक भी काम पूरा न हो पाने पर एक साल का समय और बढ़ाया गया। अब सभी काम जून 2024 तक पूरे किए जाने हैं, जिसमें चार दिन बचे हैं। इसी बीच योजना को फिर से लॉन्च करने की तैयारी है।
ये प्रमुख काम भी तक अधूरे
- 74 किमी सीवर लाइन बिछाने में 220 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसका काम जनवरी 2019 में शुरू हुआ। इसे दिसंबर 2020 में पूरा होना था, पर अब तक करीब 95 प्रतिशत काम ही हो सका है।
- एबीडी एरिया में नाले सही कर कवर करने पर 58.72 करोड़ खर्च होने हैं। इसका वर्क ऑर्डर फरवरी 2020 में जारी हुआ। काम 30 सितंबर 2022 तक पूरा होना था, पर 50 प्रतिशत ही पूरा हो सका है।
- डीएम कार्यालय में 16.87 करोड़ से मल्टीलेवल पार्किंग बनाई गई। इसका वर्क आर्डर जुलाई 2020 में जारी हुआ। अक्तूबर 2022 में काम पूरा होना था, पर अब भी पांच प्रतिशत अधूरा है। इससे पार्किंग शुरू नहीं हो सकी है।
- एबीडी एरिया में 43 करोड़ रुपये की लागत से 24 घंटे पेयजल आपूर्ति का काम पूरा नहीं हो सका है। टंकी के निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का काम भी अधूरा पड़ा है।