सपा-बसपा की अगुवाई में बनने वाला महागठबंधन, छोटे दल भी हो सकते हैं शामिल
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प्रदेश में सपा-बसपा की अगुवाई में बनने वाले महागठबंधन में राष्ट्रीय लोकदल के अलावा एक-दो छोटे दल भी शामिल हो सकते हैं। दूसरे दलों के लिए छह लोकसभा सीट छोड़ने से इसकी संभावना बढ़ गई है। पूर्वांचल में निषाद पार्टी, पीस पार्टी, अपना दल या सुभासपा को सीट दी जा सकती हैं। अभी तक की तस्वीर के मुताबिक सपा-बसपा प्रदेश में 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। शेष 6 सीट किन दलों को मिलेंगी, इसे लेकर अटकलों का दौर जारी है। वेस्ट यूपी में राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन का हिस्सा रहेगा तो पूर्वांचल में कुछ छोटे दलों को दो-तीन सीटें दी जा सकती है।
इनमें डॉ. अय्यूब की पीस पार्टी और कृष्णा पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल को नुमाइंदगी दी जा सकती है। सियासी हल्कों में माना जा रहा है कि रायबरेली व अमेठी सीट पर गठबंधन उम्मीदवार नहीं उतारेगा। हालांकि अखिलेश यादव ने तीन दिन पहले ही रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर व प्रतापगढ़ जिलों के नेताओं को बुलाकर बैठक की थी। उनसे लोकसभा चुनाव को लेकर राय मांगी गई थी। जिस तरह तीन राज्यों के चुनावों में सपा-बसपा की कांग्रेस से तल्खी बढ़ी, उससे अटकलें यह भी हैं कि कहीं गांधी परिवार के दोनों गढ़ में गठबंधन उम्मीदवार तो नहीं उतारेगा ?
अपना दल, सुभासपा की सरकार से तनातनी पर नजरें
सपा-बसपा की नजर प्रदेश सरकार और भाजपा से नाराज चल रहे अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी पर भी है। हालांकि भाजपा किसी भी कीमत पर गठबंधन को बरकरार रखना चाहती है लेकिन खींचतान बढ़ी तो सहयोगी दल अलग रास्ता भी अख्तियार कर सकते हैं। इन्हें महागठबंधन में जगह मिल सकती है। अभी अपना दल की अनुप्रिया पटेल केंद्र सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री हैं तो सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
रालोद को दो या तीन सीट देने की तैयारी
चर्चा है कि राष्ट्रीय लोकदल को गठबंधन में दो या तीन सीट देने की बातचीत चल रही है। यदि रालोद को पर्याप्त भागीदारी नहीं मिली तो सपा-बसपा को पश्चिमी यूपी की एक-दो सीटों पर अन्य जातियों के साथ जाट प्रत्याशी उतारने होंगे। बागपत, रालोद की परंपरागत सीट है। इस सीट से इस बार जयंत चौधरी चुनाव लड़ सकते हैं। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ने के इच्छुक माने जा रहे हैं। पिछली बार इस सीट पर बसपा दूसरे नंबर पर रही थी। रालोद को मुजफ्फरनगर सीट दी गई तो कैराना पर उसका दावा कमजोर होगा। उपचुनाव में रालोद ने भाजपा से यह सीट छीनी थी। यह सीट इस बार सपा के खाते में भी जा सकती है। मथुरा सीट पर भी रालोद का दावा है। इस सीट पर रालोद पिछली बार दूसरे नंबर पर रहा था। इसके अलावा बिजनौर, अमरोहा व बुलंदशहर सीटों पर भी रालोद दावेदारी जता रहा है।