{"_id":"6035df5b8ebc3ee953066880","slug":"slab-changing-is-a-conspiracy-with-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली के दामों पर सवाल-जवाब: चोर दरवाजे से स्लैब परिवर्तन का प्रस्ताव देना उपभोक्ताओं के साथ साजिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली के दामों पर सवाल-जवाब: चोर दरवाजे से स्लैब परिवर्तन का प्रस्ताव देना उपभोक्ताओं के साथ साजिश
Wed, 24 Feb 2021 10:38 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 24 Feb 2021 10:38 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : पेक्सेल्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पावर कॉर्पोरेशन की ओर से 2021-22 के वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव के साथ चोर दरवाजे से स्लैब परिवर्तन कराने की याचिका दाखिल करने को उपभोक्ता परिषद ने साजिश करार दिया है। परिषद ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में लोक महत्व का प्रस्ताव दाखिल कर एआरआर खारिज करने की मांग की है।
विज्ञापन
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग से अनुरोध किया है कि बिजली कंपनियों का एआरआर खारिज करके बिजली दरों के निर्धारण की स्वत: संज्ञान कार्रवाई शुरू की जाए। कंपनियों पर उपभोक्ताओं का जो पैसा निकल रहा है उसके एवज में बिजली दरों में 25 प्रतिशत की कमी की जाए।
विज्ञापन
उन्होंने तर्क दिया कि वर्ष 2019-20 व 2020-21 के टैरिफ आदेश के खिलाफ कंपनियों की पुनर्विचार याचिका नियामक आयोग के विचाराधीन है। इसी बीच अपीलेट ट्रिब्यूनल में भी टैरिफ ऑर्डर को चुनौती दे दी गई है। ऐसे में एआरआर दाखिल करना कानून का उल्लंघन है।
विज्ञापन
एआरआर में बिजनेस प्लान में अनुमोदित वितरण लाइन हानियों से ज्यादा लाइन हानियां प्रस्तावित करना भी आयोग के आदेश का उल्लंघन है। बड़ा सवाल यह भी है कि जिस स्लैब परिवर्तन के प्रस्ताव को आयोग खारिज कर चुका है उसे फिर चोर दरवाजे से किस मंशा से दाखिल किया जा रहा है।