{"_id":"59e063664f1c1bcc538b727a","slug":"six-seats-to-be-reserve-for-ladies-mayor-in-nagar-nigam-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ मेयर की सीट महिला के लिए आरक्षित, महंत देव्यागिरी और अपर्णा लड़ सकती हैं चुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ मेयर की सीट महिला के लिए आरक्षित, महंत देव्यागिरी और अपर्णा लड़ सकती हैं चुनाव
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 13 Oct 2017 12:47 PM IST
विज्ञापन
मुलायम की बहू अपर्णा यादव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निकाय चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप देते हुए सरकार ने नगर निगमों में महापौर और नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के लिए सीट आरक्षण की अधिसूचना बृहस्पतिवार को देर रात जारी कर दिया है। नगर विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक 16 नगर निगमों में से 6 नगर निगमों में महापौर की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
जिनमें लखनऊ समेत कानपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, वाराणसी व गाजियाबाद शामिल हैं। इसी तरह 7 नगर निगमों के महापौर के पद को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। सरकार ने सभी 199 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों के अध्यक्ष की सीटों के आरक्षण की सूची भी जारी कर दी है। सरकार ने 20 अक्तूबर तक इस संबंध में आपत्ति दाखिल करने का समय सीमा तय किया है।
लखनऊ की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होने से महंत देव्यगिरि और मुलायम की बहू अपर्णा यादव के चुनाव लड़ने की संभावना बढ़ गई है।
प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक लखनऊ, कानपुर व गाजियाबाद नगर निगम में महापौर की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। जबकि वाराणसी व फिरोजाबाद नगर निगम में महापौर का चुनाव सिर्फ पिछड़ी जाति की महिलाएं ही लडेंगी।
विज्ञापन
इसी तरह मेरठ में चुनाव लड़ने का मौका अनुसूचित जाति की महिला को दिया गया है। इनके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर और सहारनपुर नगर निगम के महापौर की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। पहली बार नगर निगम बने मथुरा-वृंदावन में अनसूचित जाति तो अयोध्या नगर निगम में सामान्य श्रेणी का महापौर होगा।
विज्ञापन
जिनमें लखनऊ समेत कानपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, वाराणसी व गाजियाबाद शामिल हैं। इसी तरह 7 नगर निगमों के महापौर के पद को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। सरकार ने सभी 199 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों के अध्यक्ष की सीटों के आरक्षण की सूची भी जारी कर दी है। सरकार ने 20 अक्तूबर तक इस संबंध में आपत्ति दाखिल करने का समय सीमा तय किया है।
विज्ञापन
लखनऊ की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होने से महंत देव्यगिरि और मुलायम की बहू अपर्णा यादव के चुनाव लड़ने की संभावना बढ़ गई है।
प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक लखनऊ, कानपुर व गाजियाबाद नगर निगम में महापौर की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। जबकि वाराणसी व फिरोजाबाद नगर निगम में महापौर का चुनाव सिर्फ पिछड़ी जाति की महिलाएं ही लडेंगी।
विज्ञापन
इसी तरह मेरठ में चुनाव लड़ने का मौका अनुसूचित जाति की महिला को दिया गया है। इनके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर और सहारनपुर नगर निगम के महापौर की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। पहली बार नगर निगम बने मथुरा-वृंदावन में अनसूचित जाति तो अयोध्या नगर निगम में सामान्य श्रेणी का महापौर होगा।
नगर पालिका परिषद में भी महिलाओं को तरजीह
महंत देव्यागिरी
199 नगर पालिका परिषद में से सर्वाधिक 121 सीट को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। जिसमें से 40 सीट महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। इसी तरह 53 सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है, जिनमें से 35 सीट पिछड़ा वर्ग व 18 सीट पिछड़ा वर्ग महिला के लिए है।
अनुसूचित जाति केलिए 25 नगर पालिका परिषद की सीटें आरक्षित की गई है, जिसमें 17 अनूसूचिजाति के लिए और 8 सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए है। 438 नगर पंचायतों में सर्वाधिक 178 सीटों को अनारक्षित रखा गया है। जबकि 145 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
इनमें से अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 18, पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए 40 और सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 86 सीटें आरक्षित हैं। इसी तरह अनुसूचित जनजाति महिला के लिए भी एक सीट आरक्षित की गई है। 37 नगर पंचायतें अनुसूचित जाति व 78 पिछड़े वर्ग केलिए आरक्षित की गई हैं।
अनुसूचित जाति केलिए 25 नगर पालिका परिषद की सीटें आरक्षित की गई है, जिसमें 17 अनूसूचिजाति के लिए और 8 सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए है। 438 नगर पंचायतों में सर्वाधिक 178 सीटों को अनारक्षित रखा गया है। जबकि 145 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
इनमें से अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 18, पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए 40 और सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 86 सीटें आरक्षित हैं। इसी तरह अनुसूचित जनजाति महिला के लिए भी एक सीट आरक्षित की गई है। 37 नगर पंचायतें अनुसूचित जाति व 78 पिछड़े वर्ग केलिए आरक्षित की गई हैं।
नगर निगम नई आरक्षण श्रेणी (2017) मौजूदा आरक्षण (2012)
मथुरा-वृंदावन अनूसूचित जाति नव गठित नगर निगम
मेरठ अनूसूचित जाति महिला पिछड़ा वर्ग
फिरोजाबाद पिछड़ा वर्ग महिला रिक्त
वाराणसी पिछड़ा वर्ग महिला अनारक्षित
सहारनपुर पिछड़ा वर्ग महिला
गोरखपुर पिछड़ा वर्ग महिला
लखनऊ महिला अनारक्षित
कानपुर नगर महिला अनारक्षित
गाजियाबाद महिला पिछड़ावर्ग
आगरा अनारक्षित अनुसूचित जाति
इलाहाबाद अनारक्षित महिला
बरेली अनारक्षित अनारक्षित
मुरादाबाद अनारक्षित अनारक्षित
अलीगढ़ अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
झांसी अनारक्षित अनसूचित जाति महिला
अयोध्या अनारक्षित नवगठित नगर निगम
मथुरा-वृंदावन अनूसूचित जाति नव गठित नगर निगम
मेरठ अनूसूचित जाति महिला पिछड़ा वर्ग
फिरोजाबाद पिछड़ा वर्ग महिला रिक्त
वाराणसी पिछड़ा वर्ग महिला अनारक्षित
सहारनपुर पिछड़ा वर्ग महिला
गोरखपुर पिछड़ा वर्ग महिला
लखनऊ महिला अनारक्षित
कानपुर नगर महिला अनारक्षित
गाजियाबाद महिला पिछड़ावर्ग
आगरा अनारक्षित अनुसूचित जाति
इलाहाबाद अनारक्षित महिला
बरेली अनारक्षित अनारक्षित
मुरादाबाद अनारक्षित अनारक्षित
अलीगढ़ अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
झांसी अनारक्षित अनसूचित जाति महिला
अयोध्या अनारक्षित नवगठित नगर निगम