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Raebareli: चाइनीज मांझा की बिक्री करने वाले छह दुकानदार गिरफ्तार, 200 रुपये में खरीदकर 800 रुपये में बेचते थे
Mon, 13 Jan 2025 06:35 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 13 Jan 2025 06:35 PM IST
सार
शाहजहांपुर में मांझे से गला कटकर सिपाही की मौत होने पर पुलिस ने दुकानों पर छापा मारा और छह दुकानदारों को गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान 30 किलो मांझा बरामद किया गया है।
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गिरफ्तार किए गए छह दुकानदार।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
रायबरेली शहर पुलिस ने सोमवार को पतंग की दुकानों पर छापा मारकर चाइनीज मांझा की बिक्री कर रहे छह दुकानदारों को दबोच लिया। दुकानों से करीब 30 किलो चाइनीज मांझा बरामद हुआ। दरअसल, शाहजहांपुर में मांझे से गला कटकर सिपाही की मौत के बाद एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने चाइनीज मांझा की बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। सीओ सदर अमित सिंह के मुताबिक जहानाबाद चौकी प्रभारी पुनीत मलिक की अगुवाई टीम गठित करके पतंग की दुकानों पर छापामारी कराई गई।
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इस दौरान शहर क्षेत्र के खाली सहाट गांव निवासी मो. नदीम, कैपरगंज इकबाल होटल के बगल निवासी शीबू अंसारी, सब्जी मंडी ताड़तल्ला निवासी रियाजुल हसन, इमरान खान, मोनू खान और शाहनवाज खान को पकड़ा गया। इन सभी के पास से चाइनीज मांझा बरामद हुआ। सीओ के मुताबिक सामान्य मांझा की आड़ में दुकानदार चाइनीज मांझा की बिक्री कर रहे थे। एक चकरी चाइनीज मांझा की खरीददारी 200 रुपये में करके दुकानदार 800 रुपये में बिक्री करते हैं। सभी दुकानदारों का धारा-151 में चालान किया गया है।
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ऑनलाइन बिक रहा चाइनीज मांझा
मकरसंक्रांति नजदीक आने के साथ ही पतंगबाजी शुरू हो गई है। रोक के बावजूद बाजारों में चाइनीज मांझा बिक रहा है। इतना ही नहीं ऑनलाइन भी चाइनीज मांझा बिक रहा है। इतना ही नहीं ऑनलाइन भी चाइनीज मांझा की आपूर्ति की जा रही है। सड़कों और छतों पर कटकर गिरने वाले पतंगों के चाइनीज मांझा में उलझकर लोग और पंछी घायल हो रहे हैं। सामान्य मांझे की अपेक्षा मजबूत और सस्ता होने के कारण चाइनीज मांझा अधिक पसंद किया जाता है। दिल्ली और कानपुर से जिले में चाइनीज मांझे की आपूर्ति हो रही है। इसके अलावा ऑनलाइन आर्डर देने पर भी दूसरे शहरों के अलावा स्थानीय दुकानदार चाइनीज मांझा उपलब्ध करा देते हैं। वर्ष 2024 में सारस चौराहा स्थित ओवरब्रिज पर चाइनीज मांझा गला में फंसने से शिक्षिका आकांक्षा घायल हो गई थी।
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इस तरह बनता है चाइनीज मांझा
पतंग व मांझा विक्रेताओं के मुताबिक नायलॉन के धागे में मैटेलिक पाउडर मिलाकर चीनी मांझा बनाया जाता है। कांच और लोहे की पीसकर नायलॉन के धागे पर धार लगाई जाती है। ये प्लास्टिक जैसा दिखता है और खिंचाव (स्ट्रेचेबल) होता है। यह खींचने पर टूटने के बजाय बढ़ जाता है जिसे काटना मुश्किल होता है। जिले में चोरी छिपे दुकानों पर चाइनीज मांझा की बिक्री की जाती है। एसपी के निर्देश पर शहर पुलिस ने सोमवार को छापा मारा तो चाइनीज मांझा बिक्री किए जाने का खुलासा हुआ। इस साल कार्रवाई और जांच कागजों तक सीमित है। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि जिले में चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है। जिले के सभी सीओ व थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि टीम बनाकर औचक निरीक्षण कर कार्रवाई की जाए।